
नरोत्तम मिश्रा का आशुतोष के दावों पर जोरदार पलटवार ! #gbntoday #NarottamMishra #Ashutosh #MadhyaPradeshPolitics #Datia
Gautam Buddha Nagar, Gautam Buddh Nagar | Jul 16, 2026

निष्ठा का शंखनाद: दतिया में दिखा नरोत्तम मिश्रा का 'पार्टी फर्स्ट' अंदाज राजनीति में टिकट कटना या चेहरे बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन असली नेतृत्व वही है जो विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित न हो और संगठन के फैसले को सर्वोपरि माने। मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के दौरान कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। टिकट न मिलने के स्वाभाविक दर्द को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने जिस तरह भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में हुंकार भरी, उसने उनके राजनीतिक कद को और ऊँचा कर दिया है। 'दूल्हा बदला' पर संकल्प नहीं डिगा दतिया उपचुनाव को लेकर नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों में भारी उत्साह था। चुनावी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन ऐन वक्त पर केंद्रीय नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का फैसला किया। इस अप्रत्याशित फैसले के बाद समर्थकों में आक्रोश और भावुकता का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्वालियर-झांसी हाईवे पर चक्काजाम और असंतोष की खबरें भी आईं। कई निष्ठावान समर्थकों ने सामूहिक इस्तीफे तक की पेशकश कर दी। एक पल के लिए लगा कि दतिया भाजपा में बड़ा बिखराव आ जाएगा, लेकिन दिल्ली और भोपाल में पार्टी आलाकमान से हुई मुलाकातों के बाद नरोत्तम मिश्रा ने जो परिपक्वता दिखाई, उसने पूरी बाजी पलट दी। जब मंच पर छलका दर्द, पर जीत गया 'संगठन धर्म' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में जब आशुतोष तिवारी का नामांकन दाखिल हुआ, तो सबकी नजरें नरोत्तम मिश्रा पर थीं। अपने भाषण के दौरान मिश्रा भावुक जरूर हुए, उनका दर्द भी शब्दों के जरिए सामने आया, लेकिन उन्होंने इसे कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने भरे मंच से संकल्प लेते हुए कहा: "मैं एक-एक दरवाजे पर जाऊंगा और आशुतोष को जिताऊंगा।" यह बयान इस बात का गवाह है कि एक सच्चा सिपाही वही होता है जो कमांडर का फैसला आने के बाद अपनी पूरी ताकत से युद्ध जीतने में जुट जाता है, भले ही सेनापति कोई और क्यों न हो। रूठों को मनाया, बिखरने से बचाया नरोत्तम मिश्रा ने न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि एक कुशल अभिभावक की तरह अपने नाराज कार्यकर्ताओं को भी ढांढस बंधाया। उन्होंने मीडिया के सामने आकर साफ कहा कि "हम एक-एक कार्यकर्ता को मनाएंगे और वे हमारी बात मानेंगे।" उनका यह भरोसा रंग भी लाया। जो समर्थक कल तक नारेबाजी कर रहे थे, वे आज फिर से कमल के फूल को जिताने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इस्तीफों का दौर थम गया है और बिखराव की आशंका एकजुटता में बदल चुकी है। निष्कर्ष: दतिया में अब 'कमल' ही चेहरा है इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा में व्यक्ति से बड़ा संगठन होता है। नरोत्तम मिश्रा ने भावुक क्षणों के बीच भी अनुशासन की जो लकीर खींची है, उसने दतिया उपचुनाव की चुनावी फिजा को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी ने इस एकजुटता को और मजबूती दी है। अब दतिया में मुकाबला चेहरे का नहीं, बल्कि भाजपा की साख और कार्यकर्ताओं के उस संकल्प का है, जिसकी कमान खुद नरोत्तम मिश्रा ने अपने हाथों में ले ली है। #DatiaByElection #NarottamMishra #BJPMP #MadhyaPradeshPolitics #AshutoshTiwari #पार्टी_फर्स्ट #संगठन_में_ही_शक्ति_है #राजनीतिक_बड़प्पन #कार्यकर्ता_गौरव #भाजपा_एकजुटता #दतिया_उपचुनाव #DrMohanYadav #HemantKhandelwal #दतिया_भाजपा #BundelkhandPolitics
Chanderi, Ashok Nagar | Jul 13, 2026

बीजेपी ने दिया बड़ा संदेश! नरोत्तम मिश्रा की टिकट कटी | 2028 में भी कटेंगे बड़े नेताओं के टिकट? #HKNewsSeoni #NarottamMishra #DatiaByElection #BJP #MadhyaPradeshPolitics #MPPolitics #PoliticalAnalysis #BreakingNews #Datia #ByElection #MadhyaPradesh #HKNews
Chhapara, Seoni | Jul 12, 2026

मध्य प्रदेश के इंदौर में मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में टिकट कटने को लेकर दिख रही नाराजगी पर विजयवर्गीय ने साफ कहा कि यह हमारे लिए बहुत छोटी बात है और हम सब मिलकर इसे संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है और यहां आंतरिक लोकतंत्र है। कार्यकर्ताओं से बैठकर बात की जाएगी और सभी एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने अभी से भविष्यवाणी कर दी है कि आशुतोष तिवारी भारी वोटों से जीत दर्ज करने जा रहे हैं। टिकट बदलने की मांग कर रहे नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि बीजेपी में एक बार टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की कोई परंपरा नहीं रही है, इसलिए टिकट बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि 230 सीटों के लिए 2000 लोग तैयारी करते हैं, लेकिन टिकट किसी एक को ही मिलता है। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और नरोत्तम मिश्रा समेत सभी सीनियर कार्यकर्ता पार्टी के फैसले का पालन करते हुए चुनाव मैदान में उतरेंगे। #KailashVijayvargiya #DatiaBypoll #MadhyaPradeshPolitics #BJP #NarottamMishra #AshutoshTiwari #MPNews #ViralVideo #Election2026 #FatafatNews
Ambikapur, Surguja | Jul 11, 2026

मैं चुनाव प्रचार में जरूर रहूंगा', नरोत्तम मिश्रा के बदल गए तेवर मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के तेवर बदले हुए नजर आए हैं। दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह दतिया विधानसभा सीट में चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि उनके अंदाज बदले-बदले नजर आए। #MadhyaPradeshPolitics #MadhyaPradeshNews #narottammishra
Kasya, Kushinagar | Jul 11, 2026