💥उत्तराखंड: दिल्ली आंदोलन में 'इस्तीफा' लहराने वाला सिपाही शेर सिंह निकला गैंगस्टर का साथी, IG कुमाऊं का बड़ा बयान! 💥
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के मंच से अचानक अपना 'इस्तीफा' लहराकर सनसनी फैलाने वाले उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह की पोल खुल गई है। कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे घटनाक्रम का सच सामने रखा है।
आईजी कुमाऊं के खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जो सिपाही पहले से ही सस्पेंड है और जिसके खिलाफ विभागीय बर्खास्तगी की कार्रवाई चल रही है, उसके इस इस्तीफे की क्या हकीकत है?
🔥 IG कुमाऊं निवेदिता कुकरेती का बड़ा खुलासा
हल्द्वानी स्थित कुमाऊं रेंज कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, सोशल मीडिया पर छात्र आंदोलन को उकसाने और भड़काऊ बयानबाजी करने वाला सिपाही शेर सिंह कोई दूध का धुला नहीं, बल्कि एक दागदार आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है:
बिना बताए ड्यूटी से गायब: शेर सिंह 28 जून 2026 से जनपद पिथौरागढ़ से बिना किसी पूर्व सूचना के गैरहाजिर चल रहा था। एसपी पिथौरागढ़ द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद कोई जवाब न देने पर उसे 20 जुलाई 2026 को निलंबित (Suspend) कर दिया गया था।
गैंगस्टर के साथ मिलकर जमीन कब्जाने का आरोप: शेर सिंह और उसका साथी प्रवीण वाल्मीकि एक कुख्यात गैंगस्टर के साथ मिलकर संगठित अपराध (Organized Crime) में लिप्त थे। इन पर आम जनता को डरा-धमकाकर जमीनों पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप है।
जेल की हवा खा चुका है आरोपी: इस संबंध में हरिद्वार के कोतवाली में FIR संख्या 415/2025 दर्ज है। 15 सितंबर 2025 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कई महीने जेल में बिताने के बाद वह वर्तमान में जमानत (Bail) पर बाहर है।
🔥 'नाटकीय इस्तीफा' या सुर्खियां बटोरने का स्टंट?
दिल्ली में आंदोलन के दौरान मंच पर जाकर कैमरे के सामने अचानक "इस्तीफा" लहराने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
सस्पेंडेड सिपाही का इस्तीफा कैसा?: जो व्यक्ति पिछले एक साल से आपराधिक मामले में निलंबित चल रहा है और जिसकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया पहले से जारी है, उसके इस इस्तीफे का कोई वैधानिक अर्थ नहीं रह जाता।
आंदोलन की आड़ में टीआरपी?: विश्लेषकों और आम लोगों का मानना है कि यह आंदोलन के मंच का इस्तेमाल कर केवल कैमरों और सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने का एक राजनीतिक व प्रायोजित स्टंट (PR Stunt) था।
भड़काऊ वीडियो पर नई FIR/कार्रवाई: आईजी कुमाऊं ने स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन को उकसाने और भड़काऊ बयानबाजी करने के इस नए वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ नई कठोर वैधानिक और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
🚨 मुख्य बिंदु (एक नज़र में):
सस्पेंशन स्थिति: 28 जून 2026 से गैरहाजिर, 20 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से सस्पेंड।
क्राइम रिकॉर्ड: हरिद्वार में FIR 415/2025 (जमीन कब्जा, रंगदारी, गैंगस्टर के साथ साठगांठ) के तहत जेल जा चुका है।
ताजा अपडेट: भड़काऊ बयानबाजी और पुलिस की छवि धूमिल करने पर सख्त विधिक कार्रवाई के आदेश।
💬 आपकी राय और विचार
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले निलंबित पुलिसकर्मी द्वारा छात्र आंदोलन के मंच का इस्तेमाल कर इस तरह 'इस्तीफे' का नाटक रचने पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे तत्वों के कारण मूल मुद्दों से ध्यान भटकता है? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!
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Uttarakhand, India | Jul 24, 2026