Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana

Chcjasra

सीएचसी से 100 मीटर दूर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

पत्नी का आरोप: भर्ती नहीं किया, बाहर जांच कराने को कहा

वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली चर्चा में

रिपोर्ट राजेश सोनकर

प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक मरीज को तत्काल भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे घंटों तक तड़पता रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष भी रखा है।

सीएचसी जसरा के बाहर सड़क किनारे पड़ा रहा मरीज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के कचरा मानपुर गांव निवासी 56 वर्षीय राकेश शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उनकी पत्नी कमल शुक्ला उन्हें मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बाद मरीज को भर्ती करने के बजाय कुछ दवाइयां और अल्ट्रासाउंड जांच लिखकर बाहर भेज दिया गया।

पीड़िता का कहना है कि चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जांच बाहर से करानी होगी। आर्थिक तंगी के कारण वह निजी जांच कराने में असमर्थ थीं।

तीन घंटे तक मदद की गुहार लगाती रही पत्नी

परिजनों के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलते ही राकेश शुक्ला की तबीयत और बिगड़ गई। उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूर सड़क किनारे स्थित एक टीनशेड के नीचे लिटाकर सहायता मांगती रहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरीज करीब तीन घंटे तक वहीं पड़ा रहा। बाद में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

कमल शुक्ला का कहना है कि यदि उनके पास निजी इलाज और जांच कराने के लिए पर्याप्त धन होता तो उन्हें सरकारी अस्पताल का सहारा नहीं लेना पड़ता। उनका आरोप है कि समय रहते समुचित उपचार और भर्ती की व्यवस्था होती तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

मामले में सीएचसी जसरा के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद ने बताया कि मरीज प्रोस्टेट संबंधी समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक जांच के बाद दवाइयां दी गईं और आगे की जांच के लिए स्वरूपरानी अस्पताल भेजा गया था।

उन्होंने कहा कि मरीज स्वयं अस्पताल परिसर से बाहर गया था। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती न करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर मरीज पुनः चिकित्सकीय परामर्श ले सकता था। वायरल पर्चे पर कथित रूप से लिखे गए "रेफर" संबंधी बिंदु पर उन्होंने कहा कि दस्तावेज देखने के बाद ही स्पष्ट टिप्पणी की जा सकती है।

वायरल फैक्ट

घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मरीज सड़क किनारे लेटा दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी पत्नी सहायता की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं।

यह मामला केवल एक मरीज की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और संवेदनशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म देता है। जहां एक ओर परिजन लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

ND NEWS की अपील

🔹 सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक गंभीर मरीज की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
🔹 आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
🔹 स्वास्थ्य संस्थानों में मानवता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
🔹 जिला प्रशासन ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जनता का विश्वास मजबूत करे।
🔹 मरीज और परिजन भी किसी गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

ND NEWS संदेश:
"स्वास्थ्य सेवा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सबसे बड़ा दायित्व है।"
👇👇👇
#NDNews
#दैनिकनिष्पक्षधारा
#PrayagrajNews
#JasraCHC
#HealthDepartment
#Healthcare
#PatientCare
#Prayagraj
#UPHealth
#CHCJasra
#DrSureshPrasad
#NDNewsChannel
👇👇
👇👇👇👇
@dgpup
@UPGovt
@RSSorg
@Uppolice
@wpl1090
@RSSgeet
@MIB_India
@PMOIndia
@HMOIndia 
@VHPDigital
@CMOUP_RC 
@myogioffice
@InfoDeptUP
@CMOfficeUP
@UPPRD1948
@ChiefSecyUP
@MahantYogiG
@ChiefSecyUP
@BajrangDalOrg
@myogiadityanath
@112UttarPradesh
@UPPViralCheck 
@UpPolicemitra
@prayagraj_pol
@ADGZonPrayagraj 
@DM_PRAYAGRAJ 
@CommissionerPrg 
@NigamPrayagraj 
@Prayagraj_TP 
@PROdefprayagraj
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP)
📅 दिनांक: 09 जून 2026
📆 दिन: मंगलवार
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696
👇👇👇
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध शिकायतों, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों में परिवर्तन संभव है।

सीएचसी से 100 मीटर दूर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल पत्नी का आरोप: भर्ती नहीं किया, बाहर जांच कराने को कहा वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली चर्चा में रिपोर्ट राजेश सोनकर प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक मरीज को तत्काल भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे घंटों तक तड़पता रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष भी रखा है। सीएचसी जसरा के बाहर सड़क किनारे पड़ा रहा मरीज प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के कचरा मानपुर गांव निवासी 56 वर्षीय राकेश शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उनकी पत्नी कमल शुक्ला उन्हें मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बाद मरीज को भर्ती करने के बजाय कुछ दवाइयां और अल्ट्रासाउंड जांच लिखकर बाहर भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जांच बाहर से करानी होगी। आर्थिक तंगी के कारण वह निजी जांच कराने में असमर्थ थीं। तीन घंटे तक मदद की गुहार लगाती रही पत्नी परिजनों के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलते ही राकेश शुक्ला की तबीयत और बिगड़ गई। उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूर सड़क किनारे स्थित एक टीनशेड के नीचे लिटाकर सहायता मांगती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरीज करीब तीन घंटे तक वहीं पड़ा रहा। बाद में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप कमल शुक्ला का कहना है कि यदि उनके पास निजी इलाज और जांच कराने के लिए पर्याप्त धन होता तो उन्हें सरकारी अस्पताल का सहारा नहीं लेना पड़ता। उनका आरोप है कि समय रहते समुचित उपचार और भर्ती की व्यवस्था होती तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई मामले में सीएचसी जसरा के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद ने बताया कि मरीज प्रोस्टेट संबंधी समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक जांच के बाद दवाइयां दी गईं और आगे की जांच के लिए स्वरूपरानी अस्पताल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि मरीज स्वयं अस्पताल परिसर से बाहर गया था। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती न करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर मरीज पुनः चिकित्सकीय परामर्श ले सकता था। वायरल पर्चे पर कथित रूप से लिखे गए "रेफर" संबंधी बिंदु पर उन्होंने कहा कि दस्तावेज देखने के बाद ही स्पष्ट टिप्पणी की जा सकती है। वायरल फैक्ट घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मरीज सड़क किनारे लेटा दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी पत्नी सहायता की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। यह मामला केवल एक मरीज की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और संवेदनशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म देता है। जहां एक ओर परिजन लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है। ND NEWS की अपील 🔹 सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक गंभीर मरीज की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। 🔹 आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाए। 🔹 स्वास्थ्य संस्थानों में मानवता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। 🔹 जिला प्रशासन ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जनता का विश्वास मजबूत करे। 🔹 मरीज और परिजन भी किसी गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। ND NEWS संदेश: "स्वास्थ्य सेवा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सबसे बड़ा दायित्व है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #JasraCHC #HealthDepartment #Healthcare #PatientCare #Prayagraj #UPHealth #CHCJasra #DrSureshPrasad #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध शिकायतों, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों में परिवर्तन संभव है।

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

Latest Chcjasra News Videos - Watch the Latest News of August 4, 2026 | Public App