मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने साढ़े तीन दशक पुराने मर्डर केस के एक शातिर भगोड़े को दिल्ली से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। साल 1991 के एक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद आरोपी जगदीश आर्य पिछले दो साल से अंडरग्राउंड था और दिल्ली के जहांगीरपुरी में पहचान छिपाकर दर्जी का काम कर रहा था। जब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने उसकी सजा बरकरार रखी, तो वह कानून के शिकंजे से बचने के लिए फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से बच नहीं सका।
इस शातिर मुजरिम को पकड़ने के लिए ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली की तंग गलियों में पांच दिनों तक भेष बदला। पुलिसकर्मी कभी कबाड़वाला तो कभी कूरियर बॉय बनकर रेकी करते रहे। आखिरकार, पुलिस ने एक अनोखा जाल बुना और आरोपी को एक फर्जी 'गिफ्ट पार्सल' का लालच दिया। जैसे ही जगदीश अपना गिफ्ट लेने घर से बाहर आया, डिलीवरी बॉय बने पुलिस जवान ने उसे पहचान लिया और तुरंत दबोच लिया। पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर ग्वालियर ले आई है।
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Ambikapur, Surguja | Jul 20, 2026