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जिला_प्रशासन_जहानाबाद

नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी द्वारा पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर मीडिया प्रतिनिधि से स्थानीय समस्याओ की जानकारी प्राप्त की*

आज दिनांक 22 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद, श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया द्वारा समाहरणालय सभा कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया।
     उक्त पत्रकार सम्मेलन में जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत कर बारी बारी से सभी का परिचय प्राप्त किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से जन समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा जिले में  आ रही परेशानी को बताया गया। साथ ही राजा बाजार अवस्थित रेलवे अंडर पास में जल जमाव की समस्या, वाहन पढाव नहीं रहने के कारण जगह जगह पर वाहन जाम की समस्या से निजात दिलाने, जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र में जल जमाव, नाली गली की साफ सफाई इत्यादि की जानकारी दी गई। 
    उक्त पत्रकार सम्मेलन मे जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को सभी समस्याओं से निजात दिलाने का आश्वासन दिया गया।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
#IPRDBihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी द्वारा पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर मीडिया प्रतिनिधि से स्थानीय समस्याओ की जानकारी प्राप्त की* आज दिनांक 22 जून, 2026 को जिला पदाधिकारी, जहानाबाद, श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया द्वारा समाहरणालय सभा कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। उक्त पत्रकार सम्मेलन में जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत कर बारी बारी से सभी का परिचय प्राप्त किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से जन समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा जिले में आ रही परेशानी को बताया गया। साथ ही राजा बाजार अवस्थित रेलवे अंडर पास में जल जमाव की समस्या, वाहन पढाव नहीं रहने के कारण जगह जगह पर वाहन जाम की समस्या से निजात दिलाने, जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र में जल जमाव, नाली गली की साफ सफाई इत्यादि की जानकारी दी गई। उक्त पत्रकार सम्मेलन मे जिला पदाधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को सभी समस्याओं से निजात दिलाने का आश्वासन दिया गया। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 22, 2026

फूलों की खुशबू से बदली जिंदगी: मिथिलेश प्रसाद की प्रेरक सफलता की कहानी*

जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के मोदनगंज ग्राम निवासी श्री मिथिलेश प्रसाद ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे मिथिलेश प्रसाद की सफलता की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है।मिथलेश प्रसाद बताते हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें  अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 

इस बीच परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वृद्ध पिता के लिए खेती का कार्य संभालना कठिन होने लगा। ऐसे समय में मिथिलेश प्रसाद ने खेती को ही अपनी आजीविका का आधार बनाया और एक दिन वे जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। 

*उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में सीमित क्षेत्र में की गई खेती से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले। जब उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री पटना के प्रमुख बाजारों एवं मंदिरों में शुरू की, तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हुआ।*

इस सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। धीरे-धीरे उन्होंने गेंदा फूल की खेती का दायरा बढ़ाया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हुए। आज मोदनगंज क्षेत्र में वर्षभर बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती की जाती है और अनेक किसान इससे बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।

*वर्तमान में मिथिलेश प्रसाद गेंदा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, नेनुआ, करेला एवं अन्य सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के सहयोग एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।*

मिथिलेश प्रसाद का मानना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आज उनके खेतों में खिले फूल केवल खुशबू ही नहीं बिखेर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का संदेश भी दे रहे हैं। 

मिथिलेश प्रसाद की यह सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मिथिलेश प्रसाद किसानों से अपील करते हैं कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाएं तथा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों, जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा उन सभी किसानों को देते हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनका सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि विभाग द्वारा मिले मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने उन्हें नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप वे आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सके हैं।
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
#IPRDBihar 
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फूलों की खुशबू से बदली जिंदगी: मिथिलेश प्रसाद की प्रेरक सफलता की कहानी* जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के मोदनगंज ग्राम निवासी श्री मिथिलेश प्रसाद ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे मिथिलेश प्रसाद की सफलता की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है।मिथलेश प्रसाद बताते हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस बीच परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वृद्ध पिता के लिए खेती का कार्य संभालना कठिन होने लगा। ऐसे समय में मिथिलेश प्रसाद ने खेती को ही अपनी आजीविका का आधार बनाया और एक दिन वे जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। *उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में सीमित क्षेत्र में की गई खेती से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले। जब उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री पटना के प्रमुख बाजारों एवं मंदिरों में शुरू की, तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हुआ।* इस सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। धीरे-धीरे उन्होंने गेंदा फूल की खेती का दायरा बढ़ाया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हुए। आज मोदनगंज क्षेत्र में वर्षभर बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती की जाती है और अनेक किसान इससे बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। *वर्तमान में मिथिलेश प्रसाद गेंदा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, नेनुआ, करेला एवं अन्य सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के सहयोग एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।* मिथिलेश प्रसाद का मानना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आज उनके खेतों में खिले फूल केवल खुशबू ही नहीं बिखेर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का संदेश भी दे रहे हैं। मिथिलेश प्रसाद की यह सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मिथिलेश प्रसाद किसानों से अपील करते हैं कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाएं तथा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों, जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा उन सभी किसानों को देते हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनका सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि विभाग द्वारा मिले मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने उन्हें नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप वे आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सके हैं। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 19, 2026

फूलों की खुशबू से बदली जिंदगी: मिथिलेश प्रसाद की प्रेरक सफलता की कहानी*

जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के मोदनगंज ग्राम निवासी श्री मिथिलेश प्रसाद ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे मिथिलेश प्रसाद की सफलता की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है।मिथलेश प्रसाद बताते हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें  अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 

इस बीच परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वृद्ध पिता के लिए खेती का कार्य संभालना कठिन होने लगा। ऐसे समय में मिथिलेश प्रसाद ने खेती को ही अपनी आजीविका का आधार बनाया और एक दिन वे जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। 

*उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में सीमित क्षेत्र में की गई खेती से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले। जब उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री पटना के प्रमुख बाजारों एवं मंदिरों में शुरू की, तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हुआ।*

इस सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। धीरे-धीरे उन्होंने गेंदा फूल की खेती का दायरा बढ़ाया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हुए। आज मोदनगंज क्षेत्र में वर्षभर बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती की जाती है और अनेक किसान इससे बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।

*वर्तमान में मिथिलेश प्रसाद गेंदा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, नेनुआ, करेला एवं अन्य सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के सहयोग एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।*

मिथिलेश प्रसाद का मानना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आज उनके खेतों में खिले फूल केवल खुशबू ही नहीं बिखेर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का संदेश भी दे रहे हैं। 

मिथिलेश प्रसाद की यह सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मिथिलेश प्रसाद किसानों से अपील करते हैं कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाएं तथा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों, जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा उन सभी किसानों को देते हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनका सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि विभाग द्वारा मिले मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने उन्हें नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप वे आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सके हैं।
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फूलों की खुशबू से बदली जिंदगी: मिथिलेश प्रसाद की प्रेरक सफलता की कहानी* जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के मोदनगंज ग्राम निवासी श्री मिथिलेश प्रसाद ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल कायम की है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे मिथिलेश प्रसाद की सफलता की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है।मिथलेश प्रसाद बताते हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रोजगार की तलाश में अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस बीच परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वृद्ध पिता के लिए खेती का कार्य संभालना कठिन होने लगा। ऐसे समय में मिथिलेश प्रसाद ने खेती को ही अपनी आजीविका का आधार बनाया और एक दिन वे जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्हें उद्यानिकी फसलों की खेती एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। *उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में सीमित क्षेत्र में की गई खेती से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले। जब उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री पटना के प्रमुख बाजारों एवं मंदिरों में शुरू की, तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हुआ।* इस सफलता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। धीरे-धीरे उन्होंने गेंदा फूल की खेती का दायरा बढ़ाया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हुए। आज मोदनगंज क्षेत्र में वर्षभर बड़े पैमाने पर गेंदा फूल की खेती की जाती है और अनेक किसान इससे बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। *वर्तमान में मिथिलेश प्रसाद गेंदा फूल की खेती के साथ-साथ भिंडी, नेनुआ, करेला एवं अन्य सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के सहयोग एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 10 से 15 लोगों को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।* मिथिलेश प्रसाद का मानना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आज उनके खेतों में खिले फूल केवल खुशबू ही नहीं बिखेर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का संदेश भी दे रहे हैं। मिथिलेश प्रसाद की यह सफलता की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मिथिलेश प्रसाद किसानों से अपील करते हैं कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाएं तथा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों, जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा उन सभी किसानों को देते हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनका सहयोग और उत्साहवर्धन किया। मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि विभाग द्वारा मिले मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने उन्हें नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप वे आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सके हैं। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 19, 2026

विकसित भारत - समृद्ध बिहार 
सहयोग शिविर 
*सबका सम्मान -जीवन आसान* निश्चय के तहत जन समस्याओ के समाधान हेतु आज दिनांक 16 जून, 2026 को आयोजित किया गया है।

सहयोग शिविर मे हुलासगंज प्रखंड के कोकरसा पंचायत मे आयोजित शिविर मे अपने परिवार का श्रम कार्ड मे नाम जोडने के लिए आवेदन किया गया है, जिसना आवेदन त्वरित रूप से शिविर मे निष्पादन कर दिया गया है।
#सबका_सम्मान_जीवन_आसान 
#SabkaSammanJeevanAasaan 
#SahyogShivir #सहयोग_शिविर 
#JanSamvad #BiharGovernment 
#जिला_प्रशासन_जहानाबाद 
#IPRDBihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

विकसित भारत - समृद्ध बिहार सहयोग शिविर *सबका सम्मान -जीवन आसान* निश्चय के तहत जन समस्याओ के समाधान हेतु आज दिनांक 16 जून, 2026 को आयोजित किया गया है। सहयोग शिविर मे हुलासगंज प्रखंड के कोकरसा पंचायत मे आयोजित शिविर मे अपने परिवार का श्रम कार्ड मे नाम जोडने के लिए आवेदन किया गया है, जिसना आवेदन त्वरित रूप से शिविर मे निष्पादन कर दिया गया है। #सबका_सम्मान_जीवन_आसान #SabkaSammanJeevanAasaan #SahyogShivir #सहयोग_शिविर #JanSamvad #BiharGovernment #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 16, 2026

*सफलता की कहानी*

*सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर*

*परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत*

जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है।

गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे।

इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।*

इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।*
संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।*

गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं।

*गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।*

धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं।

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं।
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*सफलता की कहानी* *सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही किसानों की तस्वीर* *परंपरागत खेती से आधुनिक खेती तक: धर्मपुर के गुड्डू कुमार ने लिखी सफलता की नई इबारत* जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव के किसान *श्री गुड्डू कुमार* आज आधुनिक एवं संरक्षित खेती के क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि किसानों को सही समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो खेती को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदला जा सकता है और सरकार की किसानों की दोगुनी आय का सपना धरातल पर साकार किया जा सकता है। गुड्डू कुमार बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। उनका कहना है कि खेती में मेहनत तो बहुत होती थी, लेकिन लागत की तुलना में आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और घटते मुनाफे के कारण वे हमेशा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विकल्प तलाशते रहते थे। इसी दौरान उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी तथा केले की उद्यान खेती की जानकारी प्राप्त हुई। जिला उद्यान कार्यालय के मार्गदर्शन में तब *उन्होंने लगभग एक बीघा भूमि में जी-9 प्रजाति के केले की खेती प्रारंभ की। उनकी मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण पहले ही प्रयास में उन्हें लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।* इसके बाद आगे उन्हें जिला उद्यान कार्यालय के द्वारा *उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा) में संरक्षित खेती (Protected Cultivation) का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया।* साथ ही आत्मा, जहानाबाद के माध्यम से भी उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर वित्तीय वर्ष *2024-25 में उन्हें अग्र पंक्ति प्रदर्शन योजना का लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपये लागत की संरक्षित खेती इकाई (पॉलीहाउस) स्थापित करने के लिए उन्हें 18.75 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया गया। सरकारी सहायता एवं तकनीकी सहयोग ने उनके कृषि उद्यम को नई दिशा प्रदान की।* संरक्षित खेती इकाई स्थापित होने के बाद उन्होंने पहले वर्ष शिमला मिर्च की खेती की, जिससे उन्हें उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए। *वर्तमान में वे बीजरहित खीरा, शिमला मिर्च एवं हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज स्थानीय बाजारों में अच्छी कीमत पर बिक रही है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।* गुड्डू कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी तथा कम लागत में किया जा सकता है। वे जिले के अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें तथा उद्यान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। *गुड्डू कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय जिला पदाधिकारी के सफल नेतृत्व में कार्यरत जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद, आत्मा परियोजना, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन, जहानाबाद को देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अनुदान के कारण ही वे आज आधुनिक खेती के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं।* धर्मपुर के इस प्रगतिशील किसान गुड्डू की सफलता की प्रेरणादाई कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को एक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग, जहानाबाद जिले के सभी किसानों से अपील करता है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, संरक्षित खेती, उद्यानिकी एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकते हैं। #जिला_प्रशासन_जहानाबाद #IPRDBihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Jehanabad, Bihar | Jun 13, 2026

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