माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 363 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹10,000 का अर्थदंड, धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹25,000 का अर्थदंड, तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹25,000 का अर्थदंड भुगतने का आदेश दिया है।