*बस्ती में मानवता की मिसाल: अग्रहरि परिवार के तीन सदस्यों ने किया देहदान का महासंकल्प, समाज के लिए बने प्रेरणास्रोत*
*जनपद बस्ती,उत्तर प्रदेश 07 अक्टूबर 2026।* मेडिकल की पढ़ाई और मानवता की सेवा के लिए बस्ती के एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जो कदम उठाया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। गांधी नगर, बभनगावां निवासी अग्रहरि परिवार ने अपना शरीर मेडिकल कॉलेज को दान करने का संकल्प लिया है।
*देहदान संकल्पकर्ता हैं - 1. श्री कुलभूषण अग्रहरि, 2. उनकी पुत्रवधू मानसी अग्रहरि पत्नी कुलदीप अग्रहरि और 3. उनके पुत्र कुलदीप अग्रहरि पुत्र श्री कुलभूषण अग्रहरि।* तीनों ने 19 सितंबर 2026 दिन शनिवार को यह पुण्य संकल्प लिया। इनका पता बभनगावां, गौरीदत्त धर्मशाला रोड, भारत प्रेस के बगल वाली गली, गांधी नगर बस्ती है।
इस संबंध में महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय रामपुर बस्ती के प्रधानाचार्य डॉ0 मनोज कुमार और जन उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट बस्ती के निदेशक अंशुल पटेल के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुआ है। सहमति पत्र के अनुसार तीनों देहदानियों के 2x3 फुट के फोटो मेडिकल कॉलेज व कैली अस्पताल में सम्मान के साथ लगाए जाएंगे, साथ ही मेडिकल शिक्षा के लिए दो-दो पौधे भी लगाए जाएंगे।
परिवार ने शर्त रखी है कि नाखून और बाल परिवार को सौंप दिए जाएं ताकि पंचतत्व में विलीन किया जा सके। सबसे बड़ी बात यह है कि देह को घर से मेडिकल कॉलेज तक बाजे-गाजे और फूल-वर्षा के साथ जुलूस के रूप में ले जाया जाएगा, ताकि लोगों में रूढ़िवाद और अंधविश्वास खत्म हो और देहदान के प्रति जागरूकता फैले।
*क्यों महान है यह फैसला -*
हमारे शास्त्रों में कहा गया है -
*"परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।*
*परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थम् इदं शरीरम्॥"*
अर्थात वृक्ष, नदियां, गायें सब परोपकार के लिए हैं, यह शरीर भी परोपकार के लिए ही है।
*"देहदान - मृत्यु के बाद भी ज्ञान दान, देहदान - मरने के बाद भी जीने का माध्यम"* - अग्रहरि परिवार ने इस स्लोगन को सच कर दिखाया है।
आज जहाँ लोग मृत्यु के बाद भी मोह-माया में उलझे रहते हैं, वहीं इस परिवार ने *"देहदान-महादान, देहदान-मानवता का सम्मान, देहदान-मेडिकल शिक्षा का वरदान"* के भाव को अपनाया है। यह सिर्फ देहदान नहीं, बल्कि मानव शव (CADAVER) की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज के लिए जीवनदान है। इनके शरीर से बस्ती मेडिकल कॉलेज के सैकड़ों भावी डॉक्टर शरीर रचना (Anatomy) सीखेंगे और फिर वही डॉक्टर हजारों जिंदगियां बचाएंगे।
आज मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इन तीनों महादानियों का माला पहनाकर, फोटो लगाकर जो सम्मान किया है, वह ऐतिहासिक है। इनकी यह सोच कि *"देहदान से आपका मृत शरीर किसी और के लिए जीवन का आधार बन सकता है"* पूरे पूर्वांचल के लिए एक नई चेतना है।
बस्ती की जनता से अपील है कि इस परिवार के जज्बे को सलाम करे और NOTTO, ROTTO, SOTTO जैसी संस्थाओं के बारे में जागरूक हो। ईश्वर से प्रार्थना है कि *कुलभूषण अग्रहरि जी, मानसी अग्रहरि जी और कुलदीप अग्रहरि जी* को दीर्घायु प्रदान करें और उनके इस पुण्य कार्य को अमर रखें। धन्य है ऐसा परिवार।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Oct 7, 2026