चोर गैंग बनाकर कब्जा लेने की प्लानिंग व्यापारी विनायक उपाध्याय की थी। विनायक ने 6 महीने पहले ही वह दुकान खरीदी थी। 10 बाय 45 यानी करीब 450 स्वेक्यर फीट की दुकान उसने 70 लाख रूपए में गणेश तलाई निवासी कय्यूम ठेकेदार से खरीदी थी। विनायक के नाम से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण हो गया था। लेकिन कब्जे के लिए वह परेशान हो रहा था। जानकारी रविवार दोपहर 2 बजे की है