भवन प्रमंडल में टेंडर मैनेजमेंट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां बड़े ठेकेदारों का दबदबा इस कदर हावी है कि छोटे ठेकेदारों को काम मिलना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है। पैरवी अधिकारियों से नजदीकी और रसूख के दम पर बड़े ठेकेदार न सिर्फ टेंडर अपने पक्ष में करवा रहे हैं बल्कि छोटे ठेकेदारों को खुलेआम डराकर-धमकाकर मैनेज करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।