आंखों के सामने, जिंदगी भर की मेहनत से खड़ा किया कारोबार और आशियाना टूट रहा है..!
कहीं कोई मदद नहीं मिली..ऐसे में सिवाए इस तरह के बिलखने के और कर भी क्या सकते हैं..!
मेरठ के कारोबारी...खूब रोए, गिड़गिड़ाए, सांसद ने आश्वासन दिया, भाजपा नेताओं ने भरोसा दिया, लेकिन नियम-कानून के आगे किसी की नहीं चली..!
पिछले करीब 11 महीनों से अलग-अलग समय पर धरना-प्रदर्शन भी बेकार साबित हुआ..आज उनकी आंखों के सामने उनका आशियाना उजड़ गया..!
किसी तरह का भरोसा काम नहीं आया..ऐसे में उनका यह बिलखना वहां मौजूद लोगों को भी गमगीन कर गया..!
- सेंट्रल मार्केट (मेरठ)