पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम कटने का विवाद सामने आया है। बीएलओ का आरोप है कि आधार संख्या उपलब्ध न होने के कारण सैकड़ों ग्रामीणों के नाम हटाए गए, जबकि उन्हें स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए थे। इससे संशोधन कराना चुनौती बन गया है। बीएलओ ने निर्वाचन प्रशासन से तत्काल सुधार और स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की है।