बलिया की रहने वाली 7 साल की रागिनी खेलने कूदने की उम्र में हर दिन अपनी किस्मत के लिए जागती है
जब रागनी 6 महीने की थी तभी दुर्घटना के चलते एक पैर खराब हो गया था घर की स्थिति खराब होने के कारण पैर का सही से इलाज नहीं हो पाया और आज स्थिति पैर की कितनी खराब है कि एक पैर पर चलना पड़ता है
घर से स्कूल की दूरी 400 मीटर है लेकिन एक सामान्य बच्चों के लिए कुछ ही मिनट का सफर है लेकिन रागिनी के लिए यह सफर बहुत कठिन है एक पैर पर कूद-कूद कर स्कूल जाना पड़ता है रागिनी पढ़ना चाहती है और हर दिन हिम्मत करके वह 400 मीटर कूदकूद कर स्कूल जाती है उसके जज्बे को सलाम
डीएम बलिया से निवेदन है इस बच्ची के लिए रिक्शा की व्यवस्था की जाए ताकि उसे स्कूल जाने में तकलीफ ना हो