Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Haryana
Uttarpradesh
image
image
image

प्राकृतिक खेती को मिला नया बल, जिला बिलासपुर में शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 रुपये निर्धारित होने पर किसान खुश, सरकार को कहा थैंक्स जिला में 223 किसान प्राकृतिक उत्पादित गेहूं बेचने को तैयार,175 क्विंटल गेहूं खरीद का है लक्ष्य बिलासपुर, जून: जिला बिलासपुर में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की सरकारी खरीद कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) परियोजना के माध्यम से शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक तौर पर उत्पादित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने पर जिला के किसान बेहद खुश हैं। किसानों के हित में प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में किसानों का रुझान प्राकृतिक खेती की ओर लगातार बढ़ रहा है। बिलासपुर में प्राकृतिक गेहूं बेचने पहुंचे ग्राम पंचायत कोटला के गांव बनवाड़ निवासी किसान सुमन कुमार ठाकुर ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष उन्होंने लगभग 10 क्विंटल गेहूं आत्मा परियोजना के माध्यम से विक्रय किया है, जिसे प्रदेश सरकार ने 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि से न केवल किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है बल्कि प्राकृतिक खेती के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत हुआ है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत नम्होल के गांव दगशेच निवासी किसान देश राज ने बताया कि उन्हें आत्मा परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती के कारण पहले मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने से भूमि की उर्वरता में सुधार हुआ है। साथ ही प्राकृतिक तरीके से उत्पादित गेहूं का स्वाद और गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए किसानों ने कहा कि प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये तथा अब 80 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने से न केवल किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि किसानों का रूझान अब प्राकृतिक खेती को ओर तेजी से बढ़ने लगा है। प्रदेश सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रही है बल्कि रसायन मुक्त कृषि को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का आधार भी बन रही है। क्या कहते हैं अधिकारी: परियोजना निदेशक आत्मा रितेश गुप्ता का कहना है कि इस वर्ष जिला बिलासपुर में प्राकृतिक खेती से उत्पादित 175 क्विंटल गेहूं खरीदने के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक 120 किसानों से लगभग 160 क्विंटल गेंहू की खरीद की जा चुकी है। पिछले वर्ष जिला में 40 किसानों से लगभग 60 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं की खरीद की गई थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर लगभग तीन गुना किया गया है। उनका कहना है कि जिला में 223 किसानों ने प्राकृतिक तौर पर उत्पादित गेंहू को बेचने की हामी भरी है, ऐसे में शीघ्र ही निर्धारित लक्ष्य को भी हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में सदर और स्वारघाट विकास खंड के किसानों की सुविधा के लिए बिलासपुर शहर के निहाल स्थित सिविल सप्लाई गोदाम तथा झंडूता और घुमारवीं क्षेत्र के किसानों के लिए पट्टा में खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर केवल वही किसान अपनी उपज बेच सकते हैं जो आत्मा परियोजना द्वारा प्रमाणित हों, हिम परिवार पोर्टल पर पंजीकृत हों तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से गेहूं का उत्पादन कर रहे हों। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि जिला में आत्मा परियोजना के माध्यम से लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा लगभग 1,094 हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेंहू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन भी संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ जिला में प्राकृतिक खाद्यान्नों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सके।

MORE NEWS