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Heartiest Congratulations to Swati Bhadauria, Addl Secretary to Governor. So proud on your exclusive achievement.

86.7k views | Uttarakhand, India | Apr 23, 2022

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अरशद राना  AIMIM उत्तर प्रदेश  प्रदेश सचिव एवं 16-मीरापुर विधान सभा विधायक  प्रत्यशी  2027 पहुंचे देहरादून क्या कुछ बोले  राणा जी

अरशद राना AIMIM उत्तर प्रदेश प्रदेश सचिव एवं 16-मीरापुर विधान सभा विधायक प्रत्यशी 2027 पहुंचे देहरादून क्या कुछ बोले राणा जी

Dehradun, Dehradun | Jun 7, 2026

पित्तूवाला पॉलिटेक्निक नकल प्रकरण: क्या सख्त नकल विरोधी कानून की होगी निष्पक्ष परीक्षा?
देहरादून। उत्तराखंड में लागू सख्त नकल विरोधी कानून को लेकर सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है। बड़े-बड़े मंचों से यह दावा किया गया कि प्रदेश में नकल माफिया और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। लेकिन हाल ही में सामने आया पित्तूवाला पॉलिटेक्निक का कथित नकल प्रकरण अब इसी कानून की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान एक शिक्षक ने एक छात्र को कथित रूप से नकल करने से रोका। आरोप है कि इसके बाद छात्र के दरोगा पिता ने मौके पर पहुंचकर शिक्षक के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र के नकल करने और उसके पक्ष में हंगामा होने के दावे किए जा रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि छात्र वास्तव में नकल कर रहा था, तो क्या उसके खिलाफ भी उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून के अंतर्गत कार्रवाई होगी? साथ ही, यदि किसी ने नकल रोकने वाले शिक्षक के साथ मारपीट कर परीक्षा प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई है, तो क्या उस पर भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा?
यह मामला केवल एक छात्र या एक शिक्षक का नहीं, बल्कि उस कानून की विश्वसनीयता का है जिसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। यदि कानून केवल पेपर लीक या संगठित गिरोहों तक सीमित रह जाता है और परीक्षा केंद्रों पर होने वाली कथित नकल व उसके समर्थन में हिंसा पर लागू नहीं होता, तो इसकी प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
अब निगाहें प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं। क्या सरकार इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्र सहित संबंधित सभी आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करेगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
साथ ही, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन करने वाले युवा संगठनों के सामने भी यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या वे परीक्षा कक्ष में कथित नकल और उसे संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से सख्त कार्रवाई की मांग उठाएंगे।
फिलहाल, यह पूरा प्रकरण उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून की वास्तविक परीक्षा बनता नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि कानून का अनुपालन व्यक्ति के प्रभाव से ऊपर उठकर किया जाता है या नहीं।

पित्तूवाला पॉलिटेक्निक नकल प्रकरण: क्या सख्त नकल विरोधी कानून की होगी निष्पक्ष परीक्षा? देहरादून। उत्तराखंड में लागू सख्त नकल विरोधी कानून को लेकर सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है। बड़े-बड़े मंचों से यह दावा किया गया कि प्रदेश में नकल माफिया और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। लेकिन हाल ही में सामने आया पित्तूवाला पॉलिटेक्निक का कथित नकल प्रकरण अब इसी कानून की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान एक शिक्षक ने एक छात्र को कथित रूप से नकल करने से रोका। आरोप है कि इसके बाद छात्र के दरोगा पिता ने मौके पर पहुंचकर शिक्षक के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र के नकल करने और उसके पक्ष में हंगामा होने के दावे किए जा रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि छात्र वास्तव में नकल कर रहा था, तो क्या उसके खिलाफ भी उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून के अंतर्गत कार्रवाई होगी? साथ ही, यदि किसी ने नकल रोकने वाले शिक्षक के साथ मारपीट कर परीक्षा प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई है, तो क्या उस पर भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा? यह मामला केवल एक छात्र या एक शिक्षक का नहीं, बल्कि उस कानून की विश्वसनीयता का है जिसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। यदि कानून केवल पेपर लीक या संगठित गिरोहों तक सीमित रह जाता है और परीक्षा केंद्रों पर होने वाली कथित नकल व उसके समर्थन में हिंसा पर लागू नहीं होता, तो इसकी प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। अब निगाहें प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं। क्या सरकार इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्र सहित संबंधित सभी आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करेगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा? साथ ही, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन करने वाले युवा संगठनों के सामने भी यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या वे परीक्षा कक्ष में कथित नकल और उसे संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से सख्त कार्रवाई की मांग उठाएंगे। फिलहाल, यह पूरा प्रकरण उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून की वास्तविक परीक्षा बनता नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि कानून का अनुपालन व्यक्ति के प्रभाव से ऊपर उठकर किया जाता है या नहीं।

Dehradun, Dehradun | Jun 7, 2026

देवाल के ऐरठा तोक में सड़क की मांग तेज, ग्रामीणों में नाराजगी

चमोली जनपद के विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ओडर के तोक ऐरठा में आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन पाई है।

बताया गया कि वर्ष 2021 में पदमला-कंजेरु-ऐरठा-ओडर मोटर मार्ग के 8 किलोमीटर निर्माण को स्वीकृति मिली थी, बावजूद इसके कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया। सड़क न होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

देवाल के ऐरठा तोक में सड़क की मांग तेज, ग्रामीणों में नाराजगी चमोली जनपद के विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ओडर के तोक ऐरठा में आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन पाई है। बताया गया कि वर्ष 2021 में पदमला-कंजेरु-ऐरठा-ओडर मोटर मार्ग के 8 किलोमीटर निर्माण को स्वीकृति मिली थी, बावजूद इसके कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया। सड़क न होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

Dehradun, Dehradun | Jun 7, 2026

📍700 KM क़ातिल की तलाश करती बांदा पहुँची SSP नवनीत की टीम

🔍 मृतका अज्ञात, कातिल अज्ञात… लेकिन हरिद्वार पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी

👮‍♂️ कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद हरिद्वार पुलिस ने किया अज्ञात महिला हत्याकांड का सफल खुलासा।

🎙️ पत्रकार वार्ता में SSP हरिद्वार नवनीत सिंह ने हत्याकांड की सिलसिलेवार जानकारी साझा की।

🚔 कातिलों की तलाश में घटनास्थल से लगभग 700 किलोमीटर दूर बांदा तक पहुंची हरिद्वार पुलिस की टीम।

⏳ 25 दिनों की मैराथन मेहनत के बाद वारदात में शामिल 03 आरोपी गिरफ्तार।

💔 प्रेम प्रसंग में शादी का दबाव बनने पर युवक ने अपने भाई एवं जीजा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया।

📹📱 600 घंटे से अधिक CCTV फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों एवं SIR डाटा का गहन विश्लेषण कर पुलिस ने जोड़े सबूतों के तार।

⚙️ एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में तकनीकी विवेचना, सूक्ष्म जांच एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन।

📍 घटनास्थल का निरीक्षण करन

📍700 KM क़ातिल की तलाश करती बांदा पहुँची SSP नवनीत की टीम 🔍 मृतका अज्ञात, कातिल अज्ञात… लेकिन हरिद्वार पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी 👮‍♂️ कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद हरिद्वार पुलिस ने किया अज्ञात महिला हत्याकांड का सफल खुलासा। 🎙️ पत्रकार वार्ता में SSP हरिद्वार नवनीत सिंह ने हत्याकांड की सिलसिलेवार जानकारी साझा की। 🚔 कातिलों की तलाश में घटनास्थल से लगभग 700 किलोमीटर दूर बांदा तक पहुंची हरिद्वार पुलिस की टीम। ⏳ 25 दिनों की मैराथन मेहनत के बाद वारदात में शामिल 03 आरोपी गिरफ्तार। 💔 प्रेम प्रसंग में शादी का दबाव बनने पर युवक ने अपने भाई एवं जीजा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। 📹📱 600 घंटे से अधिक CCTV फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों एवं SIR डाटा का गहन विश्लेषण कर पुलिस ने जोड़े सबूतों के तार। ⚙️ एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में तकनीकी विवेचना, सूक्ष्म जांच एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन। 📍 घटनास्थल का निरीक्षण करन

Dehradun, Dehradun | Jun 7, 2026

चारधाम यात्रा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन हेतु देहरादून पुलिस की प्रभावी व्यवस्थाएं 

चारधाम यात्रा-2026 श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु देहरादून पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश द्वारा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा गया है। इस अवधि में आने वाले वाहनों को आईडीपीएल पार्किंग, ऋषिकेश में पार्क कराया जा रहा है।

उत्तराखण्ड पुलिस श्रद्धालुओं से यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील करती है।

#CharDhamYatra2026 #UttarakhandPolice

चारधाम यात्रा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन हेतु देहरादून पुलिस की प्रभावी व्यवस्थाएं चारधाम यात्रा-2026 श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु देहरादून पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश द्वारा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा गया है। इस अवधि में आने वाले वाहनों को आईडीपीएल पार्किंग, ऋषिकेश में पार्क कराया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस श्रद्धालुओं से यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील करती है। #CharDhamYatra2026 #UttarakhandPolice

Dehradun, Dehradun | Jun 7, 2026

Heartiest Congratulations to Swati Bhadauria, Addl Secretary to Governor. So proud on your exclusive achievement. - Uttarakhand News