मुर्रा को मॉडल विलेज बनाने की तैयारी, सीडीओ ने योजनाओं के क्रियान्वयन, रोजगार कार्यों और स्वच्छता व्यवस्थाओं का लिया जायजा
, डेरापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुर्रा गुरुवार को एक बजे विकास और स्वच्छता गतिविधियों का केंद्र बनी रही। मुख्य विकास अधिकारी ने यहां पहुंचकर 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025' का शुभारंभ किया, ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों का निरीक्षण किया तथा आरआरसी सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा ग्राम विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जनसहभागिता से ही आत्मनिर्भर एवं समृद्ध गांवों का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025' के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुर्रा को एक मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भविष्य में पूरे जनपद के लिए मिसाल बनेगा। इस दौरान ग्रामीणों एवं अधिकारियों को अधिनियम के उद्देश्यों और विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई तथा ग्राम स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत संचालित नाली खुदाई एवं सफाई कार्य का निरीक्षण किया। खड़ंजा बम्बा से रामबाबू के खेत तक प्रस्तावित 1.40 किलोमीटर लंबी नाली निर्माण परियोजना की अनुमानित लागत 1.84 लाख रुपये है। निरीक्षण के दौरान जनरेट मास्टर रोल में दर्ज 17 श्रमिकों के सापेक्ष मौके पर 13 श्रमिक कार्य करते हुए मिले।
मुख्य विकास अधिकारी ने श्रमिकों एवं रोजगार सेवक से मजदूरी भुगतान और कार्य प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर श्रमिकों के बैंक खातों में भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनरेट मास्टर रोल के सापेक्ष श्रमिकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा बढ़ी हुई नई दैनिक मजदूरी दर के अनुसार समयबद्ध भुगतान किया जाए।
दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत मुर्रा में स्थापित आरआरसी सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली, कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि गांवों से आने वाले सूखे और गीले कचरे को पूरी तरह अलग किया जाए तथा प्लास्टिक और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गीले कचरे से तैयार की जाने वाली जैविक खाद की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए तथा उसकी ब्रांडिंग कर स्थानीय नर्सरियों और किसानों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और ग्राम पंचायत की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने आरआरसी सेंटर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान से नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता शुल्क की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम एवं निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मोहित दुबे, उपायुक्त मनरेगा अशोक कुमार, खंड विकास अधिकारी संजू सिंह, पंचायत सचिव धर्मेन्द्र, तकनीकी सहायक राजीव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।