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इंदौर में आयोजित ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के दौरान ग्रामीण हाट में पहुंचीं राष्ट्रपति सम्मान से अलंकृत ‘मिलेट क्वीन’ लहरी बाई ने अपने दुर्लभ श्रीअन्न बीज संग्रह से विदेशी प्रतिनिधियों को भारतीय कृषि परंपरा, जैव विविधता संरक्षण एवं पारंपरिक खेती की समृद्ध विरासत से परिचित कराया। डिंडोरी की बैगा जनजातीय महिला लहरी बाई द्वारा संरक्षित 150 से अधिक दुर्लभ बीज आज देशभर में प्रेरणा का केंद्र बने हुए हैं। #BRICS2026 #LahariBai #MilletQueen #इंदौर CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Indore Indore Commissioner JDjansampark Indore

Indore, Madhya Pradesh | Jun 10, 2026

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इंदौर की राते ❤️
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Indore, Indore | Jun 10, 2026

*ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के विदेशी प्रतिनिधियों ने किया ग्रामीण हाट का भ्रमण*
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*विदेशी मेहमानों के मन में छायी प्रदेश कीओडीओपी फसलें विदेशी मेहमान हुए प्रभावित*
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*रीवा के जीआई टैग सुंदरजा आम सहित विविध प्रजातियों का स्वाद लेकर अभिभूत हुए विदेशी प्रतिनिधि*
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*लहरी बाई के दुर्लभ बीज संग्रह ने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को किया आकर्षित*
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*मृगनयनी, प्रकृत सिल्क और हेम्प क्लोदिंग के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि*
इंदौर, 10 जून 2026
 इंदौर में 9 से 13 जून 2026 तक आयोजित ब्रिक्स देशों के महत्वपूर्ण कृषि कांफ्रेंस में सहभागी बनने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं विदेशी मेहमानों ने मंगलवार को इंदौर के प्रसिद्ध ग्रामीण हाट बाजार का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट कृषि उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, प्राकृतिक खेती आधारित उत्पादों तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के अंतर्गत विकसित उत्पादों का अवलोकन किया।
 विदेशी प्रतिनिधियों के ग्रामीण हाट आगमन पर उनका मालवा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। अतिथियों को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया तथा जनजातीय कलाकारों द्वारा मनमोहक लोक एवं जनजातीय नृत्य प्रस्तुत कर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य ने विदेशी प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। अनेक प्रतिनिधि स्वयं भी नृत्य दल के साथ शामिल हुए और जनजातीय धुनों पर उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए।
 ग्रामीण हाट में मध्यप्रदेश की कृषि विविधता, स्थानीय उद्यमिता, महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल तथा प्रदेश की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित किया गया था। विदेशी प्रतिनिधियों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर उत्पादों की जानकारी प्राप्त की तथा उत्पादकों से संवाद भी किया।
 भ्रमण के दौरान ओडीओपी के अंतर्गत प्रदर्शित बुरहानपुर जिले के केले से निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिनिधियों ने केला चिप्स, केला कुकीज़ तथा केले के रेशों से निर्मित वस्त्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की और कृषि आधारित प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की इस पहल की सराहना की।
 बालाघाट जिले के स्टॉल पर प्रदर्शित जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल के साथ-साथ रीवा जिले के जीआई टैग प्राप्त सुंदरजा एवं अन्य प्रजातियों के आमों ने भी विदेशी मेहमानों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिनिधियों ने विभिन्न आम प्रजातियों का स्वाद चखा तथा उनकी गुणवत्ता, स्वाद एवं सुगंध की प्रशंसा की।
 झाबुआ जिले के स्टॉल पर साठी मक्का, दूध मोगर मक्का, देशी उड़द एवं अरहर जैसी पारंपरिक फसलों तथा लंबे रेशों वाले कपास की जानकारी दी गई। मंडला जिले में मिलेट क्वीन लहरी बाई द्वारा संरक्षित दुर्लभ श्रीअन्न (मिलेट) किस्मों, नीमच की औषधीय एवं मसाला फसलों, नरसिंहपुर के करेली के पारंपरिक गुड़, छिंदवाड़ा के वन एवं फल उत्पादों तथा प्राकृतिक खेती आधारित उत्पादों में भी विदेशी प्रतिनिधियों ने विशेष रुचि दिखाई।
 ग्रामीण हाट में कृषि उत्पादों के साथ-साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा भी विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र रही। मृगनयनी के स्टॉल पर प्रदर्शित चंदेरी, महेश्वरी एवं कोसा वस्त्रों, बाघ प्रिंट तथा गोंड चित्रकला की विदेशी मेहमानों ने विशेष सराहना की। वहीं प्रकृत सिल्क स्टॉल पर प्रदर्शित मलबरी सिल्क एवं तसर सिल्क से निर्मित परिधानों और हस्तकरघा उत्पादों में भी प्रतिनिधियों ने गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने पारंपरिक बुनाई कला, प्राकृतिक रेशों की गुणवत्ता तथा स्थानीय बुनकरों की शिल्पकला की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सतत आजीविका का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। हेम्प क्लोदिंग स्टॉल पर प्रदर्शित पर्यावरण-अनुकूल वस्त्रों ने भी प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया, जहां उन्हें कम पानी में तैयार होने वाले टिकाऊ एवं प्राकृतिक वस्त्रों की विशेषताओं से अवगत कराया गया।
 ग्रामीण हाट में शुद्ध प्राकृतिक शहद, ए-2 दुग्ध उत्पाद, हर्बल उत्पाद, गोबर आधारित पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तथा जैव-इनपुट संसाधन केंद्रों की अवधारणा का भी प्रदर्शन किया गया।
 प्रतिनिधियों ने ग्रामीण हाट को मध्यप्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट मंच बताते हुए इसकी सराहना की। भ्रमण के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास मॉडल को नजदीक से समझा तथा स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और नवाचार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, वस्त्र, प्राकृतिक उत्पादों एवं मूल्य संवर्धित खाद्य सामग्री का अवलोकन करने के साथ-साथ खरीदारी भी की तथा उत्पादकों से सीधे संवाद कर उनके निर्माण एवं प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की।
 ग्रामीण हाट में आगंतुकों को ग्रामीण जीवन शैली का अनुभव कराने के उद्देश्य से पारंपरिक खाटों पर बैठक व्यवस्था की गई थी। साथ ही स्थानीय कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों से तैयार पारंपरिक नाश्ते का भी विशेष प्रबंधन किया गया। विदेशी प्रतिनिधियों ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी इस अनूठी आतिथ्य परंपरा की सराहना की। इस मौके पर मंडी बोर्ड प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, स्मार्ट ‍सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अर्थ जैन सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
#BRICS2026 #ODOPMP #OrganicFarming #RuralHaat #Millets #MadhyaPradesh #JansamparkMP #indore #इंदौर
CM Madhya Pradesh 
PMO India 
Jansampark Madhya Pradesh 
Department of Agriculture, Madhya Pradesh

*ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के विदेशी प्रतिनिधियों ने किया ग्रामीण हाट का भ्रमण* ---- *विदेशी मेहमानों के मन में छायी प्रदेश कीओडीओपी फसलें विदेशी मेहमान हुए प्रभावित* ---- *रीवा के जीआई टैग सुंदरजा आम सहित विविध प्रजातियों का स्वाद लेकर अभिभूत हुए विदेशी प्रतिनिधि* ---- *लहरी बाई के दुर्लभ बीज संग्रह ने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को किया आकर्षित* ---- *मृगनयनी, प्रकृत सिल्क और हेम्प क्लोदिंग के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि* इंदौर, 10 जून 2026 इंदौर में 9 से 13 जून 2026 तक आयोजित ब्रिक्स देशों के महत्वपूर्ण कृषि कांफ्रेंस में सहभागी बनने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं विदेशी मेहमानों ने मंगलवार को इंदौर के प्रसिद्ध ग्रामीण हाट बाजार का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट कृषि उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, प्राकृतिक खेती आधारित उत्पादों तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के अंतर्गत विकसित उत्पादों का अवलोकन किया। विदेशी प्रतिनिधियों के ग्रामीण हाट आगमन पर उनका मालवा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। अतिथियों को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया तथा जनजातीय कलाकारों द्वारा मनमोहक लोक एवं जनजातीय नृत्य प्रस्तुत कर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य ने विदेशी प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। अनेक प्रतिनिधि स्वयं भी नृत्य दल के साथ शामिल हुए और जनजातीय धुनों पर उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। ग्रामीण हाट में मध्यप्रदेश की कृषि विविधता, स्थानीय उद्यमिता, महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल तथा प्रदेश की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित किया गया था। विदेशी प्रतिनिधियों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर उत्पादों की जानकारी प्राप्त की तथा उत्पादकों से संवाद भी किया। भ्रमण के दौरान ओडीओपी के अंतर्गत प्रदर्शित बुरहानपुर जिले के केले से निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिनिधियों ने केला चिप्स, केला कुकीज़ तथा केले के रेशों से निर्मित वस्त्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की और कृषि आधारित प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की इस पहल की सराहना की। बालाघाट जिले के स्टॉल पर प्रदर्शित जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल के साथ-साथ रीवा जिले के जीआई टैग प्राप्त सुंदरजा एवं अन्य प्रजातियों के आमों ने भी विदेशी मेहमानों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिनिधियों ने विभिन्न आम प्रजातियों का स्वाद चखा तथा उनकी गुणवत्ता, स्वाद एवं सुगंध की प्रशंसा की। झाबुआ जिले के स्टॉल पर साठी मक्का, दूध मोगर मक्का, देशी उड़द एवं अरहर जैसी पारंपरिक फसलों तथा लंबे रेशों वाले कपास की जानकारी दी गई। मंडला जिले में मिलेट क्वीन लहरी बाई द्वारा संरक्षित दुर्लभ श्रीअन्न (मिलेट) किस्मों, नीमच की औषधीय एवं मसाला फसलों, नरसिंहपुर के करेली के पारंपरिक गुड़, छिंदवाड़ा के वन एवं फल उत्पादों तथा प्राकृतिक खेती आधारित उत्पादों में भी विदेशी प्रतिनिधियों ने विशेष रुचि दिखाई। ग्रामीण हाट में कृषि उत्पादों के साथ-साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा भी विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र रही। मृगनयनी के स्टॉल पर प्रदर्शित चंदेरी, महेश्वरी एवं कोसा वस्त्रों, बाघ प्रिंट तथा गोंड चित्रकला की विदेशी मेहमानों ने विशेष सराहना की। वहीं प्रकृत सिल्क स्टॉल पर प्रदर्शित मलबरी सिल्क एवं तसर सिल्क से निर्मित परिधानों और हस्तकरघा उत्पादों में भी प्रतिनिधियों ने गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने पारंपरिक बुनाई कला, प्राकृतिक रेशों की गुणवत्ता तथा स्थानीय बुनकरों की शिल्पकला की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सतत आजीविका का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। हेम्प क्लोदिंग स्टॉल पर प्रदर्शित पर्यावरण-अनुकूल वस्त्रों ने भी प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया, जहां उन्हें कम पानी में तैयार होने वाले टिकाऊ एवं प्राकृतिक वस्त्रों की विशेषताओं से अवगत कराया गया। ग्रामीण हाट में शुद्ध प्राकृतिक शहद, ए-2 दुग्ध उत्पाद, हर्बल उत्पाद, गोबर आधारित पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तथा जैव-इनपुट संसाधन केंद्रों की अवधारणा का भी प्रदर्शन किया गया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण हाट को मध्यप्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट मंच बताते हुए इसकी सराहना की। भ्रमण के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास मॉडल को नजदीक से समझा तथा स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और नवाचार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, वस्त्र, प्राकृतिक उत्पादों एवं मूल्य संवर्धित खाद्य सामग्री का अवलोकन करने के साथ-साथ खरीदारी भी की तथा उत्पादकों से सीधे संवाद कर उनके निर्माण एवं प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। ग्रामीण हाट में आगंतुकों को ग्रामीण जीवन शैली का अनुभव कराने के उद्देश्य से पारंपरिक खाटों पर बैठक व्यवस्था की गई थी। साथ ही स्थानीय कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों से तैयार पारंपरिक नाश्ते का भी विशेष प्रबंधन किया गया। विदेशी प्रतिनिधियों ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी इस अनूठी आतिथ्य परंपरा की सराहना की। इस मौके पर मंडी बोर्ड प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, स्मार्ट ‍सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अर्थ जैन सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। #BRICS2026 #ODOPMP #OrganicFarming #RuralHaat #Millets #MadhyaPradesh #JansamparkMP #indore #इंदौर CM Madhya Pradesh PMO India Jansampark Madhya Pradesh Department of Agriculture, Madhya Pradesh

Indore, Madhya Pradesh | Jun 10, 2026

*ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों ने होलकर राज में कम्पोस्ट विधि से तैयार ऑर्गेनिक खेती के बारे में जाना*
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*ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा की नक्काशी, सुन्दरता और भव्यता को देखकर मंत्रमुग्ध हुए*
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*राजवाड़े के गणेश हॉल, दरबार हॉल सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और सामूहिक चित्र लिये*
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*पुण्यश्लोका और कुशल प्रशासिका देवी अहिल्या बाई होलकर की राजव्यवस्था और सेवा कार्यों को समझा*
इंदौर, 10 जून 2026
 इंदौर शहर में 9 जून से 13 जून तक आयोजित ब्रिक्स देशों के महत्वपूर्ण कृषि सम्मेलन में सहभागिता कर रहे विदेशी मेहमानों ने आज सुबह होलकरकालीन ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा का भ्रमण कर कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। साथ ही होलकर राज की कृषि पद्धति और शासन व्यवस्था के बारे में जाना। राज्य शासन द्वारा विदेशी मेहमानों का स्वागत मालवी परंपराओं के साथ पुष्पवर्षा कर और अंगवस्त्र पहनाकर किया गया। 
 इथोपिया, ब्राजील, साउथ अफ्रीका, इंडोनेशिया आदि देशों से आए विदेशी मेहमान बुधवार सुबह शहर का गौरव कहे जाने वाले प्राचीन इमारत राजवाड़ा पहुँचे। सभी मेहमानों का स्वागत पदाधिकारियों द्वारा किया गया। विदेशी मेहमानों ने होलकरकालीन ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा के गणेश हॉल, दरबार हाल सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। प्राचीन इमारत राजवाड़े की निर्माण शैली और उसकी भव्यता को देखकर मंत्रमुग्ध हुए। इतिहासकार श्री जफ़र अंसारी, श्रीमती शर्वाणी जोशी सहित सुश्री संघमित्रा पिपलोदा द्वारा विदेशी मेहमानों को बताया गया कि होलकर राज में कृषि की उत्तम व्यवस्था थी। यहाँ पर कम्पोस्ट विधि के द्वारा जैविक खेती की जाती थी, जिसमें कृषि अवशेष, जैविक कचरा, गोबर और राख आदि से जैविक खाद बनाई जाती थी। इसका उल्लेख ब्रिटिश सरकार में कैम्ब्रिज में पढ़े सर अल्बर्ट हावर्ड ने अपनी पुस्तकों में किया। उन्होंने इंदौर में रहकर होलकर कालीन कृषि व्यवस्था को करीब से देखा और जाना। इतिहासकार द्वारा विदेशी मेहमानों को विभिन्न दस्तावेज एवं वस्तुओं द्वारा बताया गया कि होलकर राज में जनगणना कैसे होती थी। उस समय राजा-महाराजा और दरबारियों की क्या पोशाक होती थी। जब राजा दरबार में आते थे, तो कर्मचारियों द्वारा किस तरह से उसकी घोषणा की जाती थी। विदेशी मेहमानों को पुण्यश्लोका और कुशल प्रशासिका देवी अहिल्याबाई होलकर काल में कौन-कौन से कल्याणकारी और सामाजिक कार्य हुए, इसके बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गई। महेश्वर में निर्मित महेश्वरी साड़ियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
 इतिहासकारों के मुताबिक करीब पौने तीन सौ वर्ष पूर्व में मल्हारराव होलकर ने इंदौर के ऐतिहासिक एवं भव्य राजवाड़े का निर्माण किया था। यह उस समय की सबसे पहली और बड़ी इमारत थी। इस सात मंजिला इमारत को महल कच्हरी और महल वाड़ा भी कहा जाता था। यह पर दरबार भी लगता था। विदेशी मेहमानों को बताया कि इंदौर का नाम यहाँ पर स्थित प्राचीन मंदिर इन्द्रेश्वर के नाम पर पड़ा। इस शहर को पहले इंदूर और बाद में इंदौर नाम चलन में आया। विदेशी मेहमानों ने राजवाड़े में मालवी व्यंजनों का लुफ्त उठाया। उन्होंने राजवाड़े की दीर्घाओं और मुख्यद्वार पर सामूहिक चित्र खिचाएं। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अर्थ जैन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

#BRICS2026 #BRICSAgricultureConference #Rajwada #OrganicFarming #IndoreHeritage #JansamparkMP #indore #इंदौर
CM Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
Department of Agriculture, Madhya Pradesh

*ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों ने होलकर राज में कम्पोस्ट विधि से तैयार ऑर्गेनिक खेती के बारे में जाना* ---- *ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा की नक्काशी, सुन्दरता और भव्यता को देखकर मंत्रमुग्ध हुए* ---- *राजवाड़े के गणेश हॉल, दरबार हॉल सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और सामूहिक चित्र लिये* ---- *पुण्यश्लोका और कुशल प्रशासिका देवी अहिल्या बाई होलकर की राजव्यवस्था और सेवा कार्यों को समझा* इंदौर, 10 जून 2026 इंदौर शहर में 9 जून से 13 जून तक आयोजित ब्रिक्स देशों के महत्वपूर्ण कृषि सम्मेलन में सहभागिता कर रहे विदेशी मेहमानों ने आज सुबह होलकरकालीन ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा का भ्रमण कर कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। साथ ही होलकर राज की कृषि पद्धति और शासन व्यवस्था के बारे में जाना। राज्य शासन द्वारा विदेशी मेहमानों का स्वागत मालवी परंपराओं के साथ पुष्पवर्षा कर और अंगवस्त्र पहनाकर किया गया। इथोपिया, ब्राजील, साउथ अफ्रीका, इंडोनेशिया आदि देशों से आए विदेशी मेहमान बुधवार सुबह शहर का गौरव कहे जाने वाले प्राचीन इमारत राजवाड़ा पहुँचे। सभी मेहमानों का स्वागत पदाधिकारियों द्वारा किया गया। विदेशी मेहमानों ने होलकरकालीन ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा के गणेश हॉल, दरबार हाल सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। प्राचीन इमारत राजवाड़े की निर्माण शैली और उसकी भव्यता को देखकर मंत्रमुग्ध हुए। इतिहासकार श्री जफ़र अंसारी, श्रीमती शर्वाणी जोशी सहित सुश्री संघमित्रा पिपलोदा द्वारा विदेशी मेहमानों को बताया गया कि होलकर राज में कृषि की उत्तम व्यवस्था थी। यहाँ पर कम्पोस्ट विधि के द्वारा जैविक खेती की जाती थी, जिसमें कृषि अवशेष, जैविक कचरा, गोबर और राख आदि से जैविक खाद बनाई जाती थी। इसका उल्लेख ब्रिटिश सरकार में कैम्ब्रिज में पढ़े सर अल्बर्ट हावर्ड ने अपनी पुस्तकों में किया। उन्होंने इंदौर में रहकर होलकर कालीन कृषि व्यवस्था को करीब से देखा और जाना। इतिहासकार द्वारा विदेशी मेहमानों को विभिन्न दस्तावेज एवं वस्तुओं द्वारा बताया गया कि होलकर राज में जनगणना कैसे होती थी। उस समय राजा-महाराजा और दरबारियों की क्या पोशाक होती थी। जब राजा दरबार में आते थे, तो कर्मचारियों द्वारा किस तरह से उसकी घोषणा की जाती थी। विदेशी मेहमानों को पुण्यश्लोका और कुशल प्रशासिका देवी अहिल्याबाई होलकर काल में कौन-कौन से कल्याणकारी और सामाजिक कार्य हुए, इसके बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गई। महेश्वर में निर्मित महेश्वरी साड़ियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इतिहासकारों के मुताबिक करीब पौने तीन सौ वर्ष पूर्व में मल्हारराव होलकर ने इंदौर के ऐतिहासिक एवं भव्य राजवाड़े का निर्माण किया था। यह उस समय की सबसे पहली और बड़ी इमारत थी। इस सात मंजिला इमारत को महल कच्हरी और महल वाड़ा भी कहा जाता था। यह पर दरबार भी लगता था। विदेशी मेहमानों को बताया कि इंदौर का नाम यहाँ पर स्थित प्राचीन मंदिर इन्द्रेश्वर के नाम पर पड़ा। इस शहर को पहले इंदूर और बाद में इंदौर नाम चलन में आया। विदेशी मेहमानों ने राजवाड़े में मालवी व्यंजनों का लुफ्त उठाया। उन्होंने राजवाड़े की दीर्घाओं और मुख्यद्वार पर सामूहिक चित्र खिचाएं। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अर्थ जैन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। #BRICS2026 #BRICSAgricultureConference #Rajwada #OrganicFarming #IndoreHeritage #JansamparkMP #indore #इंदौर CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Agriculture, Madhya Pradesh

Indore, Madhya Pradesh | Jun 10, 2026

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने किया अभिषेक-पूजन*
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*धरमपुरी स्थित काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में प्रधानमंत्री की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की*
इंदौर, 10 जून 2026
       प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को सांवेर विधानसभा क्षेत्र के धरमपुरी स्थित काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में विशेष -पूजन एवं आराधना की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की गई।
     मंत्री श्री सिलावट ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक कर देश की समृद्धि, विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके नेतृत्व में देश ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है तथा करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
    श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संचालित जन-धन योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक जनहितैषी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया है। महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण और युवाओं को अवसर प्रदान करने की दिशा में भी ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
    कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की। कार्यक्रम का समापन महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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#12YearsOfSeva #12YearsOfGaribKalyan #LongestServingElectedPMModi #JansamparkMP #indore #इंदौर
PMO India 
CM Madhya Pradesh 
Tulsi Silawat 
Jansampark Madhya Pradesh

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने किया अभिषेक-पूजन* --- *धरमपुरी स्थित काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में प्रधानमंत्री की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की* इंदौर, 10 जून 2026 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को सांवेर विधानसभा क्षेत्र के धरमपुरी स्थित काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में विशेष -पूजन एवं आराधना की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की गई। मंत्री श्री सिलावट ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक कर देश की समृद्धि, विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके नेतृत्व में देश ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है तथा करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संचालित जन-धन योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक जनहितैषी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया है। महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण और युवाओं को अवसर प्रदान करने की दिशा में भी ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की। कार्यक्रम का समापन महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। --- #12YearsOfSeva #12YearsOfGaribKalyan #LongestServingElectedPMModi #JansamparkMP #indore #इंदौर PMO India CM Madhya Pradesh Tulsi Silawat Jansampark Madhya Pradesh

Indore, Madhya Pradesh | Jun 10, 2026