आज बात होगी उस इमारत की, जहाँ से पूरे जिले की किस्मत लिखी जाती है! जी हां, हम बात कर रहे हैं संयुक्त नवीन कलेक्ट्रेट भवन की। सालों से फाइलों के बोझ और धूल से घिरी दीवारों के अब दिन बहुरने वाले हैं। कलेक्टर ऊषा परमार ने आज रविवार 11 जनवरी को कलेक्ट्रेट की सूरत बदलने के लिए बजट को हरी झंडी दे दी है।