दीपका: कोरबा के ग्रामीण अंचलों में पंछियों की चहचहाहट, शुद्ध हवा और प्रकृति की गोद में जागती है जिंदगी, देखें खास वीडियो
Dipka, Korba | Jun 8, 2026 सुबह का मतलब सिर्फ एक नए दिन की शुरुआत नहीं होता बल्कि यह उस एहसास का नाम है जो आत्मा को छू जाए। कोरबा के ग्रामीण अंचलों में आज भी यह एहसास जिंदा है जहां हर सुबह प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में लोगों का स्वागत करती है।गांव में जैसे ही भोर होती है आसमान पर हल्की लालिमा फैलती है और ठंडी हवाएं शरीर ही नहीं मन को भी तरोताजा कर देती हैं। पेड़ों की डालियों पर बैठे