जिले के बच्चे भी अब मनोरोग का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के संबंधित पदाधिकारी ने रविवार रात्रि करीब 8 बजे बताया कि हर माह औसतन 5 से दस बच्चे मिर्गी, फेबिया,अवसाद व अन्य असामान्य व्यवहार के लिए इलाज करा रहे हैं बच्चों को सावधानियां बरतने की जरूरत है।