Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
मौत
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh
No video available

सीकर: Plz follow on tik tok #yuviishekhawat123 plz#tiktokmuscilly

Sikar, Sikar | Mar 13, 2020

MORE NEWS

🚨 नेशनल हाईवे-52 पर बड़ा खतरा! 🚨

याद है दो दिन पहले की वो घटना, जब बढ़ाडर तिराहे पर नगर परिषद की टीम ने नेशनल हाईवे-52 को खोदकर उसके नीचे पाइप डालने का काम शुरू किया था, ताकि जलभराव का पानी बढ़ाडर के जोहड़ तक पहुंचाया जा सके?

ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम का विरोध किया और अधिकारियों से अनुमति (Permission) मांगी। लेकिन अनुमति नहीं दिखा पाने पर विरोध के बीच काम रोकना पड़ा और डाली गई पाइप भी वापस निकलवा दी गई।

लेकिन अब सामने आई है एक और गंभीर लापरवाही…

जिस स्थान पर हाईवे को खोदा गया था, वहां सड़क की उचित मरम्मत नहीं की गई। गड्ढे को सिर्फ मिट्टी और पत्थरों से भरकर छोड़ दिया गया। अब उसी स्थान पर फिर से पानी भर गया है और जलभराव लगातार बना हुआ है।

📸 तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पानी सड़क के किनारे जमा है और जिस हिस्से को खोदा गया था, वह अंदर से कमजोर होने का खतरा पैदा कर रहा है। यदि लगातार पानी रिसता रहा तो सड़क अंदर से खोखली हो सकती है। ऐसे में किसी भारी वाहन, बस या ट्रक के गुजरने पर बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इतना ही नहीं, रात के समय यह जलभराव दूर से दिखाई भी नहीं देता। पानी से बचने के लिए बीकानेर की ओर से आने वाले कई वाहन गलत दिशा (Wrong Side) में निकलते हैं, जिससे जयपुर की ओर से आने वाले वाहनों से आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।

नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है।

हम प्रशासन, एनएचएआई और नगर परिषद से आग्रह करते हैं कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
✔️ जलभराव से निजात दिलाने की स्थायी व्यवस्था की जाए।
✔️ हाईवे के जिस हिस्से को खोदा गया था, उसकी तकनीकी मानकों के अनुसार मरम्मत कराई जाए।

क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही, किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
#SikarSandesh #NationalHighway #Sikar #RajasthanNews

🚨 नेशनल हाईवे-52 पर बड़ा खतरा! 🚨 याद है दो दिन पहले की वो घटना, जब बढ़ाडर तिराहे पर नगर परिषद की टीम ने नेशनल हाईवे-52 को खोदकर उसके नीचे पाइप डालने का काम शुरू किया था, ताकि जलभराव का पानी बढ़ाडर के जोहड़ तक पहुंचाया जा सके? ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम का विरोध किया और अधिकारियों से अनुमति (Permission) मांगी। लेकिन अनुमति नहीं दिखा पाने पर विरोध के बीच काम रोकना पड़ा और डाली गई पाइप भी वापस निकलवा दी गई। लेकिन अब सामने आई है एक और गंभीर लापरवाही… जिस स्थान पर हाईवे को खोदा गया था, वहां सड़क की उचित मरम्मत नहीं की गई। गड्ढे को सिर्फ मिट्टी और पत्थरों से भरकर छोड़ दिया गया। अब उसी स्थान पर फिर से पानी भर गया है और जलभराव लगातार बना हुआ है। 📸 तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पानी सड़क के किनारे जमा है और जिस हिस्से को खोदा गया था, वह अंदर से कमजोर होने का खतरा पैदा कर रहा है। यदि लगातार पानी रिसता रहा तो सड़क अंदर से खोखली हो सकती है। ऐसे में किसी भारी वाहन, बस या ट्रक के गुजरने पर बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, रात के समय यह जलभराव दूर से दिखाई भी नहीं देता। पानी से बचने के लिए बीकानेर की ओर से आने वाले कई वाहन गलत दिशा (Wrong Side) में निकलते हैं, जिससे जयपुर की ओर से आने वाले वाहनों से आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। हम प्रशासन, एनएचएआई और नगर परिषद से आग्रह करते हैं कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। ✔️ जलभराव से निजात दिलाने की स्थायी व्यवस्था की जाए। ✔️ हाईवे के जिस हिस्से को खोदा गया था, उसकी तकनीकी मानकों के अनुसार मरम्मत कराई जाए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही, किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। #SikarSandesh #NationalHighway #Sikar #RajasthanNews

Sikar, Sikar | Jul 13, 2026

बुटाटी धाम में घोटाला? 
#SikarSandesh #RajasthanNews #Sikar #Nagaur #ButatiDham

बुटाटी धाम में घोटाला? #SikarSandesh #RajasthanNews #Sikar #Nagaur #ButatiDham

Sikar, Sikar | Jul 12, 2026

जयपुर रोड़ पर दुकानें तोड़ 100 फीट करने का प्लान, व्यापारियों का विरोध
#SikarSandesh #Sikar #RajasthanNews

जयपुर रोड़ पर दुकानें तोड़ 100 फीट करने का प्लान, व्यापारियों का विरोध #SikarSandesh #Sikar #RajasthanNews

Sikar, Sikar | Jul 11, 2026