क्या आपकी गाड़ी घर पर खड़ी रहती है, लेकिन फिर भी आपके मोबाइल पर ई-चालान आ रहे हैं? अगर हां, तो इस खबर को बिल्कुल भी हल्के में मत लीजिए।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सामने आया यह मामला हर वाहन मालिक के लिए बड़ी चेतावनी है। एक व्यक्ति करीब डेढ़ साल तक फर्जी ई-चालानों से परेशान रहा। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि बिना गाड़ी निकाले चालान कैसे कट रहे हैं।
लेकिन जब उसने सड़क पर अपनी ही नंबर प्लेट लगी दूसरी कार देखी, तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने जांच की तो एक कार के दस्तावेज सही मिले, जबकि दूसरी कार पर संदिग्ध नंबर प्लेट मिलने के बाद चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई।
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
अगर आपकी गाड़ी के नाम पर ऐसे चालान आ रहे हैं, जो आपने किए ही नहीं हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने वाहन का रिकॉर्ड जांचें, ट्रैफिक पोर्टल पर चालानों का विवरण देखें, पुलिस और परिवहन विभाग में शिकायत करें। जरूरत हो तो डैश कैमरा या अन्य सबूत भी रखें।
याद रखिए, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल सिर्फ चालान से बचने के लिए ही नहीं, बल्कि किसी बड़ी आपराधिक घटना में भी किया जा सकता है।
इस वीडियो को हर वाहन मालिक तक जरूर पहुंचाइए। हो सकता है आपकी एक शेयर किसी को बड़ी परेशानी से बचा दे।