शिक्षा के दावों पर गंभीर सवाल, लिम्बावास में बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की व्यवस्था बनी चर्चा का विषय
लिम्बावास। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में स्कूलों और संस्थानों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी बीच ग्राम लिम्बावास से सामने आई एक तस्वीर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों पर सवाल खड़े करती नजर आई।
गांव में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बताया गया कि उचित संसाधन और व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को खेलने वाले डीजे की व्यवस्था के सहारे ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करना पड़ा। बच्चों में उत्साह और प्रतिभा नजर आई, लेकिन पर्याप्त संसाधनों के अभाव ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें बेहतर मंच, उचित संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक स्कूलों, IIT और IIM जैसे बड़े संस्थानों के विस्तार की बात करती है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
लिम्बावास की यह तस्वीर केवल एक गांव तक सीमित मुद्दा नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाले अवसरों पर विचार करने का विषय है। बड़े संस्थानों का निर्माण निश्चित रूप से विकास का हिस्सा है, लेकिन वास्तविक शैक्षणिक विकास तभी माना जाएगा, जब गांवों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त संसाधन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सम्मानजनक मंच समान रूप से उपलब्ध हो।
Neemuch, Neemuch | Aug 15, 2026