कटंगी: सुख-सुविधाओं को छोड़कर वैराग्य की राह पर चल पड़ी-दिशिता सकलेचा, कटंगी में निकला वरघोड़ा
प्रतिष्ठित व्यवसायी किशोर संचेती की दोहिती यानी की नातिन दिशिता एकता शैलेन्द्र सकलेचा संयम और अध्यात्म के मार्ग पर चल पड़ी है। रायपुर निवासी 20 वर्षीय दिशिता सकलेचा 22 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद में वैराग्य की दीक्षा लेकर साध्वी बन जाएगी। आचार्य भगवंत विजय योग तिलक सूरीश्वर दिशिता को दीक्षा दिलवाएगें। इससे पहले कटंगी में बाजे-गाजे के साथ वरघोड़ा निकाला गया।