पेशरार: पाखर सरना पाठ: आदिम जनजाति परिवार जानवरों के साथ पानी पीने को मजबूर, महिलाएं रोज 500 मीटर खाई उतरती हैं
लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्र पाखर सरना पाठ एवं आसपास के खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर आज भी बेहद दर्दनाक बनी हुई है। हिंडालको कंपनी के संचालन क्षेत्र में रहने वाले आदिम जनजाति परिवार आज भी शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीण उसी जलस्रोत से पानी पीने को मजबूर हैं, जहां जंगली और पालतू जानवर भी पानी पीते हैं। ग्रामीण