*गृह प्रवेश की चौथी वर्षगांठ पर भव्य नगर संकीर्तन एवं 56 भोग राधा-माधव महोत्सव, नशा मुक्ति का दिया गया संदेश*
भिट्ठामोड़ (सीतामढ़ी):
भिट्ठामोड़ में महेश दास जी के गृह प्रवेश की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर भव्य नगर संकीर्तन एवं 56 भोग राधा-माधव महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। पूरे क्षेत्र में हरिनाम संकीर्तन की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भगवान के नाम का संकीर्तन करते हुए झूमते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ समाज में नशा मुक्ति अभियान का भी प्रभावशाली संदेश दिया गया।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य अतिथि शिक्षा गुरु पुरुष भूषण दास जी रहे। वहीं नेपाल के जनकपुर और बर्दीवास से आए संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। प्रमुख अतिथियों में रामेश्वर दास (अध्यक्ष, जनकपुर स्टोन टेंपल), सच्ची दुलार दास (जनकपुर स्टोन टेंपल), परम पुरुष दास (बर्दीवास स्टोन टेंपल), रमेश प्रभु (जनकपुर स्टोन टेंपल), धीर गोविंद दास (जनकपुर स्टोन टेंपल), शुभ चंद्र दास, प्रतीक दास, राम निताय प्रभु, विनोद प्रजापति एवं सदानंद श्रीराम सहित अनेक संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राधा-माधव के समक्ष 56 भोग अर्पित किए गए तथा भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक आरती का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि भगवान के नाम का संकीर्तन केवल आध्यात्मिक शांति ही नहीं देता, बल्कि समाज को नशा, हिंसा और अन्य बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा भी देता है।
कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया और आयोजकों ने उपस्थित सभी संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन भक्ति, सामाजिक जागरूकता और आपसी सद्भाव का सुंदर उदाहरण बनकर उभरा।
Sursand, Sitamarhi | Aug 7, 2026