*फतेहपुर में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी का पर्व, रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का हुआ दहन*
अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व फतेहपुर की ऐतिहासिक अयोध्या कुटी में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रावण दहन के दौरान जहां पूरा परिसर जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा, वहीं दशहरे के बाद देखने को मिली आपसी भाईचारे और सद्भाव की अनूठी मिसाल।
फतेहपुर की ऐतिहासिक अयोध्या कुटी में विजयादशमी के पावन अवसर पर आस्था, उत्साह और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के स्वरूप ने अग्निबाण चलाकर लंकापति रावण, महाबली कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया। जैसे ही पुतलों ने आग पकड़ी, पूरा परिसर आतिशबाजी की रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और आसमान सतरंगी नजारों से भर गया।
इस भव्य दृश्य को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या कुटी परिसर में पहुंचे। पुतला दहन के दौरान गूंजते 'जय श्री राम' के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
लेकिन फतेहपुर के दशहरे की खासियत सिर्फ रावण दहन तक ही सीमित नहीं है। यहां वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का भी संदेश देती है।
पुतला दहन के बाद लोगों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान एक-दूसरे को मीठा पान खिलाकर मुंह मीठा कराने की परंपरा भी देखने को मिली, जिसने रिश्तों में मिठास और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
वहीं, युवाओं ने अपने से बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस तरह फतेहपुर की ऐतिहासिक अयोध्या कुटी का दशहरा उत्सव न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बना, बल्कि आपसी एकता, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर भी पेश कर गया।
आपको बता दे की जनपद फतेहपुर में बिंदकी खागा जहानाबाद हुसैनगंज सहित पूरे जिले में बड़ी धूमधाम के साथ विजयदशमी का पर्व मनाया गया।