जानवरों को पहले ही बाघ की मौजूदगी का आभास हो गया था, इसलिए वे सतर्क हो गए थे। लेकिन बाघ ने इतनी तेज़ी और फुर्ती से हमला किया कि बछड़े को बचने का मौका नहीं मिल सका। पास खड़ी एक गाय ने पूरी कोशिश की कि बछड़ा बाघ के चंगुल से निकल जाए, लेकिन बाघ ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की। कुछ देर तक संघर्ष चलता रहा, मगर आखिरकार बाकी जानवर भी असहाय होकर पीछे हट गए और बाघ ने बछड़े को अपना शिकार बनाया।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के एक पेट्रोल पंप की घटना