पिछले 35 दिनों से पंचायत सचिव अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई पंचायतों में चल रही योजनाओं का भुगतान रुक गया है, वहीं नई योजनाओं की शुरुआत भी ठप पड़ गई है।