कर्वी के बेदीपुलिया के व्यवसायिक भूमि अधिग्रण का विरोध कर व्यापारियों भू स्वामियों में डीएम को सौंपा ज्ञापन। झांसी - मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के बेड़ी पुलिया से कर्वी के किनारे - किनारे स्थित व्यावसायिक भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध अब तेज हो गया है। जिले के प्रतिष्ठित व्यापारियों, भू-स्वामियों और अन्य नागरिकों ने आज गुरुवर को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आवास विकास परिषद की प्रस्तावित योजना को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। सभी लोगों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र की व्यावसायिक भूमि का अधिग्रहण किया गया तो जिले के भविष्य के निवेश और व्यापारिक विस्तार पर स्थायी असर पड़ेगा। इसके साथ ही बताया कि बेड़ी पुलिया से मुख्य मार्ग तथा उसके आसपास मौजा अहमदगंज और चकलाराजरानी की भूमि पूरी तरह व्यावसायिक स्वरूप की है। जिसमें बहुमंजिला भवन, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, विद्यालय और कई प्रतिष्ठान संचालित हैं। यह भूमि न तो बंजर है और न ही कृषि योग्य, बल्कि जिले के व्यवसाय और पर्यटन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र मानी जाती है।
व्यापारियों का कहना है कि आवास विकास परिषद यदि इसी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करती है तो भविष्य में नए होटल, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, संस्थान और अन्य निवेश परियोजनाओं के लिए जमीन का अभाव हो जाएगा। इससे जिले के आर्थिक विकास की गति प्रभावित होगी और पर्यटन आधारित निवेश को भी झटका लगेगा।
इसके साथ ही ज्ञापन में आरोप में लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के दौरे पर कहा था कि जनभावनाओं को देखते हुए वैकल्पिक भूमि पर विचार करने के निर्देश दिए थे। इसी आधार पर प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि आवासीय योजना के लिए अन्य उपयुक्त क्षेत्र का चयन किया जाए। ज्ञापन देने में रहे राजेश अग्रवाल, राजू केशरवानी, नत्थूराम, दिनेश कुमार सैनी, अमर सिंह, देवनाथ सिंह, लवलेश, पुनीत अग्रवाल, विनय कुमार सिंह, अर्पित अग्रवाल, अजय सोनी समेत कई लोग रहे है।