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Chori ki teen bike sahit teen girftar

Jalaun, Jalaun | Jun 4, 2026

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जालौन में चोरी की चोरी, ऊपर से सीना जोरी! 

सपा जिलाध्यक्ष दीप राज गुर्जर पर FIR के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस, अधिकारियों को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश 

उरई (जालौन) — जालौन में सियासत अब गरम नहीं, बल्कि उबलने लगी है। 
एक तरफ FIR नंबर 0321/2026 में सपा जिलाध्यक्ष दीप राज गुर्जर समेत 35 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है, तो दूसरी ओर वही दीप राज गुर्जर अब प्रेस वार्ता कर खुद को सही साबित करने में जुटे हैं।

मामला अब सीधे-सीधे यही सवाल खड़ा कर रहा है —
 क्या कानून तोड़ने के बाद अब उसे सही ठहराने की कोशिश हो रही है?

FIR में साफ आरोप — बिना अनुमति, कानून को ठेंगा

पुलिस तहरीर के मुताबिक 8 जून को:

- बिना अनुमति सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे
- पूरे रोड को जाम कर दिया गया
- कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की गई

यह सब उस समय हुआ जब जिले में धारा 163 BNSS लागू थी — यानी साफ तौर पर भीड़ और प्रदर्शन पर प्रतिबंध था।

 आम जनता पिसी, एंबुलेंस तक फंसी!

FIR में दर्ज है कि:
- एंबुलेंस तक रास्ते में फंस गई
- इमरजेंसी सेवाएं बाधित हुईं
- आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा

 सवाल: जनता की आवाज उठाने के नाम पर जनता को ही परेशान करना — क्या यही राजनीति है?

 कलेक्ट्रेट में हंगामा, परीक्षार्थी भी परेशान

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर:
- जोरदार नारेबाजी की
- फरियादियों को परेशान किया
- पुलिस भर्ती परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के आवागमन में बाधा डाली

 FIR में नामजद आरोपी — लंबी लिस्ट!

इस मामले में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें प्रमुख हैं:
दीप राज गुर्जर (जिलाध्यक्ष, सपा)
सुरेन्द्र वसरिया, जानू निरंजन, कप्तान सिंह राजपूत, लाखन सिंह कुशवाहा,
परमात्मा शरण त्रिपाठी, बबलू अहिरवार, महेन्द्र कठेरिया, प्रदीप दीक्षित,
तिलक चन्द्र अहिरवार, वेद यादव, जमालुद्दीन, सिद्धार्थ यादव, वेदप्रकाश यादव,
प्रमोद सविता, दशरथ पाल, संदीप यादव, विजय कुशवाहा, कृष्णगोपाल यादव,
वीरेन्द्र सिंह यादव, अदर सिंह राठौर, विवेक यादव, सबीउद्दीन, वफाती, मानसिंह पाल,
अजय चौधरी, बब्बूराजा चौधरी, कुसुलता सक्सेना, ऋषभ द्विवेदी, दयाशंकर मुखिया,
शशीकांत, गौरीश द्विवेदी, शिखर यादव, सौरभ यादव, मु0 फैयाद बीजापुर।
 और करीब 200 अज्ञात महिला-पुरुष।

 FIR के बाद प्रेस वार्ता — सफाई या इमेज मेकओवर?

अब सबसे बड़ा विवाद यहीं से शुरू होता है—
 FIR दर्ज होने के बाद
 दीप राज गुर्जर प्रेस वार्ता करते हैं।
 पत्रकारों को बुलाकर चाय-नाश्ता कराया जाता है।
 खुद को सही और प्रशासन को गलत साबित करने की कोशिश।

 विपक्षी सवाल उठा रहे हैं:
क्या यह सच छुपाने की कोशिश है या जनता को गुमराह करने का खेल?

 प्रशासन बनाम सपा — टकराव खुलकर सामने

- पुलिस कह रही है: कानून का उल्लंघन हुआ
- सपा कह रही है: अनुमति पहले ही ली गई थी

 लेकिन सबसे बड़ा सवाल:
अगर अनुमति थी, तो FIR क्यों? और अगर नहीं थी, तो प्रेस वार्ता में सफाई क्यों?

 पुलिस सख्त — जांच जारी

प्रशासन के मुताबिक:
- वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं
- और लोगों की पहचान की जा रही है
- आगे और कार्रवाई तय है

 निष्कर्ष: जालौन में सियासत नहीं, सीधा टकराव

यह मामला अब सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रहा—
 यह बन चुका है कानून बनाम राजनीति।
 और सवाल उठ रहा है — क्या नेता कानून से ऊपर हैं?

#Jalaun #Orai #DeepRajGurjar #SamajwadiParty #AkhileshYadav #UPPolice #FIR0321 #BreakingNews #PoliticalDrama #LawAndOrder #Section163 #BNSS #PublicIssue #ViralNews #HindiNews #GroundReport #जनआक्रोश #जालौन #उरई #सपा #दीपराज_गुर्जर #पुलिस_कार्रवाई #ब्रेकिंग

जालौन में चोरी की चोरी, ऊपर से सीना जोरी! सपा जिलाध्यक्ष दीप राज गुर्जर पर FIR के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस, अधिकारियों को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश उरई (जालौन) — जालौन में सियासत अब गरम नहीं, बल्कि उबलने लगी है। एक तरफ FIR नंबर 0321/2026 में सपा जिलाध्यक्ष दीप राज गुर्जर समेत 35 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है, तो दूसरी ओर वही दीप राज गुर्जर अब प्रेस वार्ता कर खुद को सही साबित करने में जुटे हैं। मामला अब सीधे-सीधे यही सवाल खड़ा कर रहा है — क्या कानून तोड़ने के बाद अब उसे सही ठहराने की कोशिश हो रही है? FIR में साफ आरोप — बिना अनुमति, कानून को ठेंगा पुलिस तहरीर के मुताबिक 8 जून को: - बिना अनुमति सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे - पूरे रोड को जाम कर दिया गया - कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की गई यह सब उस समय हुआ जब जिले में धारा 163 BNSS लागू थी — यानी साफ तौर पर भीड़ और प्रदर्शन पर प्रतिबंध था। आम जनता पिसी, एंबुलेंस तक फंसी! FIR में दर्ज है कि: - एंबुलेंस तक रास्ते में फंस गई - इमरजेंसी सेवाएं बाधित हुईं - आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा सवाल: जनता की आवाज उठाने के नाम पर जनता को ही परेशान करना — क्या यही राजनीति है? कलेक्ट्रेट में हंगामा, परीक्षार्थी भी परेशान प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर: - जोरदार नारेबाजी की - फरियादियों को परेशान किया - पुलिस भर्ती परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के आवागमन में बाधा डाली FIR में नामजद आरोपी — लंबी लिस्ट! इस मामले में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें प्रमुख हैं: दीप राज गुर्जर (जिलाध्यक्ष, सपा) सुरेन्द्र वसरिया, जानू निरंजन, कप्तान सिंह राजपूत, लाखन सिंह कुशवाहा, परमात्मा शरण त्रिपाठी, बबलू अहिरवार, महेन्द्र कठेरिया, प्रदीप दीक्षित, तिलक चन्द्र अहिरवार, वेद यादव, जमालुद्दीन, सिद्धार्थ यादव, वेदप्रकाश यादव, प्रमोद सविता, दशरथ पाल, संदीप यादव, विजय कुशवाहा, कृष्णगोपाल यादव, वीरेन्द्र सिंह यादव, अदर सिंह राठौर, विवेक यादव, सबीउद्दीन, वफाती, मानसिंह पाल, अजय चौधरी, बब्बूराजा चौधरी, कुसुलता सक्सेना, ऋषभ द्विवेदी, दयाशंकर मुखिया, शशीकांत, गौरीश द्विवेदी, शिखर यादव, सौरभ यादव, मु0 फैयाद बीजापुर। और करीब 200 अज्ञात महिला-पुरुष। FIR के बाद प्रेस वार्ता — सफाई या इमेज मेकओवर? अब सबसे बड़ा विवाद यहीं से शुरू होता है— FIR दर्ज होने के बाद दीप राज गुर्जर प्रेस वार्ता करते हैं। पत्रकारों को बुलाकर चाय-नाश्ता कराया जाता है। खुद को सही और प्रशासन को गलत साबित करने की कोशिश। विपक्षी सवाल उठा रहे हैं: क्या यह सच छुपाने की कोशिश है या जनता को गुमराह करने का खेल? प्रशासन बनाम सपा — टकराव खुलकर सामने - पुलिस कह रही है: कानून का उल्लंघन हुआ - सपा कह रही है: अनुमति पहले ही ली गई थी लेकिन सबसे बड़ा सवाल: अगर अनुमति थी, तो FIR क्यों? और अगर नहीं थी, तो प्रेस वार्ता में सफाई क्यों? पुलिस सख्त — जांच जारी प्रशासन के मुताबिक: - वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं - और लोगों की पहचान की जा रही है - आगे और कार्रवाई तय है निष्कर्ष: जालौन में सियासत नहीं, सीधा टकराव यह मामला अब सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रहा— यह बन चुका है कानून बनाम राजनीति। और सवाल उठ रहा है — क्या नेता कानून से ऊपर हैं? #Jalaun #Orai #DeepRajGurjar #SamajwadiParty #AkhileshYadav #UPPolice #FIR0321 #BreakingNews #PoliticalDrama #LawAndOrder #Section163 #BNSS #PublicIssue #ViralNews #HindiNews #GroundReport #जनआक्रोश #जालौन #उरई #सपा #दीपराज_गुर्जर #पुलिस_कार्रवाई #ब्रेकिंग

Jalaun, Jalaun | Jun 9, 2026

विधायक से शिकायत करना पड़ा भारी! 
गार्डों की दबंगई—ग्रामीणों से मारपीट, वीडियो भी कराया डिलीट

जालौन के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बिजली समस्या को लेकर कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी से मिलने पहुंचे ग्रामीणों के साथ उनके ही सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर मारपीट कर दी।

 क्या है पूरा मामला?
महेवा ब्लॉक के ग्राम कुकुहोनू के ओम नारायण, लल्लू राम, संजय, राहुल, दिलीप पाल और सर्वेश बिजली संकट की शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। 
प्रार्थना पत्र देने के बाद बाहर निकलते समय उनकी मुलाकात विधायक से हुई।

 वीडियो बनाना पड़ा भारी!
ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान जैसे ही ओम नारायण ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तभी विधायक के दो गार्ड—अंकित मिश्रा और एक अज्ञात—अचानक भड़क उठे।
 गार्डों ने ग्रामीणों से मारपीट की।
 मोबाइल छीनकर वीडियो जबरन डिलीट कराया।
 अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया।

सबसे बड़ा सवाल
घटना के दौरान विधायक मौके पर मौजूद रहे, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने गार्डों को रोकने की कोशिश तक नहीं की।

 ग्रामीणों में भारी आक्रोश
पीड़ितों ने जिलाधिकारी जालौन को शिकायती पत्र देकर कहा—
अगर जनता अपनी समस्या भी नहीं बता सकती और उसके साथ मारपीट होगी, तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी?

 मानवाधिकार हनन का आरोप
ग्रामीणों ने इसे सीधा-सीधा मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दोषी गार्डों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 जनता पूछ रही है:
क्या अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंचना भी खतरे से खाली नहीं?

प्रशासन क्या करेगा? कार्रवाई या लीपापोती—नजर बनी रहेगी…

#BreakingNews #Jalaun #Orai #Kalpi #UPNews #ElectricityCrisis #PowerCut #VinodChaturvedi #DMJalaun #UPPolice #HumanRights #GroundReport #ViralNews #जनता_की_आवाज #सत्ता_की_दबंगई #JusticeForVillagers #LawAndOrder #UPGovernment

विधायक से शिकायत करना पड़ा भारी! गार्डों की दबंगई—ग्रामीणों से मारपीट, वीडियो भी कराया डिलीट जालौन के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बिजली समस्या को लेकर कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी से मिलने पहुंचे ग्रामीणों के साथ उनके ही सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। क्या है पूरा मामला? महेवा ब्लॉक के ग्राम कुकुहोनू के ओम नारायण, लल्लू राम, संजय, राहुल, दिलीप पाल और सर्वेश बिजली संकट की शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। प्रार्थना पत्र देने के बाद बाहर निकलते समय उनकी मुलाकात विधायक से हुई। वीडियो बनाना पड़ा भारी! ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान जैसे ही ओम नारायण ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तभी विधायक के दो गार्ड—अंकित मिश्रा और एक अज्ञात—अचानक भड़क उठे। गार्डों ने ग्रामीणों से मारपीट की। मोबाइल छीनकर वीडियो जबरन डिलीट कराया। अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। सबसे बड़ा सवाल घटना के दौरान विधायक मौके पर मौजूद रहे, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने गार्डों को रोकने की कोशिश तक नहीं की। ग्रामीणों में भारी आक्रोश पीड़ितों ने जिलाधिकारी जालौन को शिकायती पत्र देकर कहा— अगर जनता अपनी समस्या भी नहीं बता सकती और उसके साथ मारपीट होगी, तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी? मानवाधिकार हनन का आरोप ग्रामीणों ने इसे सीधा-सीधा मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दोषी गार्डों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जनता पूछ रही है: क्या अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंचना भी खतरे से खाली नहीं? प्रशासन क्या करेगा? कार्रवाई या लीपापोती—नजर बनी रहेगी… #BreakingNews #Jalaun #Orai #Kalpi #UPNews #ElectricityCrisis #PowerCut #VinodChaturvedi #DMJalaun #UPPolice #HumanRights #GroundReport #ViralNews #जनता_की_आवाज #सत्ता_की_दबंगई #JusticeForVillagers #LawAndOrder #UPGovernment

Jalaun, Jalaun | Jun 9, 2026

रात का राज, माफिया का ताज!
 — राहिया ओर रगोली में कानून की खुली धज्जियां 

उरई के राहिया ओर रगोली गांव में जो हो रहा है, वो सिर्फ अवैध खनन नहीं—यह सिस्टम को खुली चुनौती है। 
दिन में खामोशी का दिखावा और रात में खुलेआम लूट!
 जैसे ही अंधेरा होता है, खनन माफिया सड़कों पर उतर आते हैं—ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पुलिस चौकी के सामने से ऐसे गुजरती हैं मानो कानून उनकी जेब में हो।

चौकी के सामने से खेल, फिर भी कोई फेल नहीं?

यह सबसे बड़ा सवाल है—जब ट्रैक्टर चौकी के सामने से गुजर रहे हैं, तो क्या पुलिस को दिखाई नहीं दे रहा?
या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है?

 अगर यह लापरवाही है, तो शर्मनाक है।
 अगर मिलीभगत है, तो और भी खतरनाक है।

हाइवे बना मौत का ट्रैप

ओवरलोड ट्रैक्टरों से गिरती मिट्टी अब हादसों को न्योता दे रही है।
हर गुजरते वाहन के साथ मौत का खतरा दौड़ रहा है।

अगर कोई बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?
क्या तब भी फाइलों में ही कार्रवाई होगी?

नाम सामने—कार्रवाई कब?

सूत्रों के मुताबिक, राहिया में प्रदीप और रंगोली में प्रीतम के नाम खुलकर सामने आ रहे हैं।

सवाल सीधा है—
 क्या प्रशासन इन नामों पर कार्रवाई करेगा या फिर फाइलों में दबा देगा?

गांधी की चमक या सिस्टम की अंधी आंख?

गांव में चर्चा साफ है—
मोटी रकम ने जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी बांध दी है।

अगर यह सच है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं—यह जनता के भरोसे का सीधा कत्ल है।

 सीधे, कड़े और असहज सवाल

चौकी के सामने से गुजरते ट्रैक्टर क्यों नहीं रोके जा रहे?

रात में खनन किसके संरक्षण में हो रहा है?

क्या अधिकारियों की जेबें भर रही हैं और जनता जान जोखिम में डाल रही है?

आखिर कब टूटेगा यह माफिया-प्रशासन का गठजोड़?

अब नहीं तो कब? — जनता का अल्टीमेटम

स्थानीय लोग अब चुप नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हैं, गुस्सा उबाल पर है।

 अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आक्रोश सड़कों पर फूट सकता है।

 प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी जैसी स्थिति

उपजिलाधिकारी उरई, जिला प्रशासन और पुलिस—
अब वक्त है सिर्फ नोटिस लेने का नहीं, एक्शन लेने का।

वरना यह सवाल हमेशा पीछा करेगा—
क्या कानून बिक चुका है?

#Jalaun #Urai #BreakingNews #IllegalMining #MiningMafia #NightMining #UPPolice #SystemFailure #Corruption #RoadSafety #Overलोड #KalpiRoad #DMJalaun #SDMUrai #SPJalaun #MiningDepartment #UPGovernment #ZeroTolerance #WakeUpAdministration #PublicOutrage

रात का राज, माफिया का ताज! — राहिया ओर रगोली में कानून की खुली धज्जियां उरई के राहिया ओर रगोली गांव में जो हो रहा है, वो सिर्फ अवैध खनन नहीं—यह सिस्टम को खुली चुनौती है। दिन में खामोशी का दिखावा और रात में खुलेआम लूट! जैसे ही अंधेरा होता है, खनन माफिया सड़कों पर उतर आते हैं—ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पुलिस चौकी के सामने से ऐसे गुजरती हैं मानो कानून उनकी जेब में हो। चौकी के सामने से खेल, फिर भी कोई फेल नहीं? यह सबसे बड़ा सवाल है—जब ट्रैक्टर चौकी के सामने से गुजर रहे हैं, तो क्या पुलिस को दिखाई नहीं दे रहा? या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है? अगर यह लापरवाही है, तो शर्मनाक है। अगर मिलीभगत है, तो और भी खतरनाक है। हाइवे बना मौत का ट्रैप ओवरलोड ट्रैक्टरों से गिरती मिट्टी अब हादसों को न्योता दे रही है। हर गुजरते वाहन के साथ मौत का खतरा दौड़ रहा है। अगर कोई बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या तब भी फाइलों में ही कार्रवाई होगी? नाम सामने—कार्रवाई कब? सूत्रों के मुताबिक, राहिया में प्रदीप और रंगोली में प्रीतम के नाम खुलकर सामने आ रहे हैं। सवाल सीधा है— क्या प्रशासन इन नामों पर कार्रवाई करेगा या फिर फाइलों में दबा देगा? गांधी की चमक या सिस्टम की अंधी आंख? गांव में चर्चा साफ है— मोटी रकम ने जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी बांध दी है। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं—यह जनता के भरोसे का सीधा कत्ल है। सीधे, कड़े और असहज सवाल चौकी के सामने से गुजरते ट्रैक्टर क्यों नहीं रोके जा रहे? रात में खनन किसके संरक्षण में हो रहा है? क्या अधिकारियों की जेबें भर रही हैं और जनता जान जोखिम में डाल रही है? आखिर कब टूटेगा यह माफिया-प्रशासन का गठजोड़? अब नहीं तो कब? — जनता का अल्टीमेटम स्थानीय लोग अब चुप नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हैं, गुस्सा उबाल पर है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आक्रोश सड़कों पर फूट सकता है। प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी जैसी स्थिति उपजिलाधिकारी उरई, जिला प्रशासन और पुलिस— अब वक्त है सिर्फ नोटिस लेने का नहीं, एक्शन लेने का। वरना यह सवाल हमेशा पीछा करेगा— क्या कानून बिक चुका है? #Jalaun #Urai #BreakingNews #IllegalMining #MiningMafia #NightMining #UPPolice #SystemFailure #Corruption #RoadSafety #Overलोड #KalpiRoad #DMJalaun #SDMUrai #SPJalaun #MiningDepartment #UPGovernment #ZeroTolerance #WakeUpAdministration #PublicOutrage

Jalaun, Jalaun | Jun 9, 2026

जालौन में  एआरएम परिवहन के। फिर से बिगड़े बोल,

पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को ARM ने सार्वजनिक रूप से दी भद्दी गालियां,

परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की मुख्यमंत्री की आदेश के बाद टिकट को लेकर हुई थी बहस,
पुलिस अभ्यर्थियों के प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने की थी धमकी,

परीक्षार्थी टिकट खरीदने को थे तैयार लेकिन परिवहन एआरऍम में गुंडागर्दी दिखाते हुए दी भद्दी गलियां 

गाली देते हुए यूपी रोडवेज के ए आर एम का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है जमकर वायरल,

जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज कोच बस स्टैंड का मामला।

जालौन में एआरएम परिवहन के। फिर से बिगड़े बोल, पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को ARM ने सार्वजनिक रूप से दी भद्दी गालियां, परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की मुख्यमंत्री की आदेश के बाद टिकट को लेकर हुई थी बहस, पुलिस अभ्यर्थियों के प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने की थी धमकी, परीक्षार्थी टिकट खरीदने को थे तैयार लेकिन परिवहन एआरऍम में गुंडागर्दी दिखाते हुए दी भद्दी गलियां गाली देते हुए यूपी रोडवेज के ए आर एम का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है जमकर वायरल, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज कोच बस स्टैंड का मामला।

Jalaun, Jalaun | Jun 9, 2026

#खबर का #असर बिना बिकी खबर हो तो मजा अलग ही आता है 

भैया जी
हो गया बड़ा खेल , हक मांगने पर समाजवादियों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को दिया गया रेल 

जालौन में सियासी संग्राम: सपा जिलाध्यक्ष समेत 35 पर FIR, 200 अज्ञात भी घेरे में — अनुमति थी vs कानून तोड़ा

उरई (जालौन) — जनपद जालौन में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन ने अब सियासी और कानूनी टकराव का रूप ले लिया है।
 बिना अनुमति जुलूस निकालने, सड़क जाम करने और कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर समेत 35 नामजद और करीब 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है।
 यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर उरई कोतवाली में की गई।

अनुमति नहीं थी — पुलिस का दावा

जेल चौकी प्रभारी विवेक कुमार मिश्रा की तहरीर के अनुसार, सोमवार को सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय, उरई में जुटे और बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़क पर उतर आए।
 आरोप है कि पेट्रोल-डीजल कीमत, गैस सिलेंडर, बिजली बिल और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला गया।

 सड़क जाम, एंबुलेंस तक फंसी!

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पूरे मार्ग को घेर लिया, जिससे यातायात पूरी तरह चरमरा गया। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं तक को रास्ता नहीं मिल पाया। 
कई बार समझाने के बावजूद भीड़ नहीं मानी और कलेक्ट्रेट तक पहुंच गई।

 कलेक्ट्रेट बना अखाड़ा, परीक्षार्थी भी परेशान

जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। 
इस दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा भी चल रही थी, जिससे परीक्षार्थियों के आवागमन में भारी बाधा आई।
 फरियादियों और आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

 धारा 163 लागू थी, फिर भी प्रदर्शन

पुलिस का कहना है कि उस समय पूरे जनपद में धारा 163 BNSS लागू थी, जिसमें बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है।
 इसके बावजूद भीड़ जुटाना और जुलूस निकालना सीधा कानून उल्लंघन माना गया।

हमने अनुमति ली थी — सपा का पलटवार

वहीं सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति ले ली थी। 
उनका दावा है कि यह लोकतांत्रिक विरोध था, जिसे दबाने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया।

 एसपी का सख्त रुख

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध अनुमति के लंबा जुलूस निकालना और धारा 163 का उल्लंघन करना गंभीर मामला है, इसलिए कानून के तहत कार्रवाई की गई है। 
वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे और लोगों की पहचान की जा रही है।

 सियासी गर्मी तेज, आगे क्या?

अब यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी टकराव में बदल गया है।
 एक तरफ पुलिस सख्ती दिखा रही है, तो दूसरी ओर सपा इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है।

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#खबर का #असर बिना बिकी खबर हो तो मजा अलग ही आता है भैया जी हो गया बड़ा खेल , हक मांगने पर समाजवादियों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को दिया गया रेल जालौन में सियासी संग्राम: सपा जिलाध्यक्ष समेत 35 पर FIR, 200 अज्ञात भी घेरे में — अनुमति थी vs कानून तोड़ा उरई (जालौन) — जनपद जालौन में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन ने अब सियासी और कानूनी टकराव का रूप ले लिया है। बिना अनुमति जुलूस निकालने, सड़क जाम करने और कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर समेत 35 नामजद और करीब 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर उरई कोतवाली में की गई। अनुमति नहीं थी — पुलिस का दावा जेल चौकी प्रभारी विवेक कुमार मिश्रा की तहरीर के अनुसार, सोमवार को सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय, उरई में जुटे और बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़क पर उतर आए। आरोप है कि पेट्रोल-डीजल कीमत, गैस सिलेंडर, बिजली बिल और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला गया। सड़क जाम, एंबुलेंस तक फंसी! पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पूरे मार्ग को घेर लिया, जिससे यातायात पूरी तरह चरमरा गया। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं तक को रास्ता नहीं मिल पाया। कई बार समझाने के बावजूद भीड़ नहीं मानी और कलेक्ट्रेट तक पहुंच गई। कलेक्ट्रेट बना अखाड़ा, परीक्षार्थी भी परेशान जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। इस दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा भी चल रही थी, जिससे परीक्षार्थियों के आवागमन में भारी बाधा आई। फरियादियों और आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। धारा 163 लागू थी, फिर भी प्रदर्शन पुलिस का कहना है कि उस समय पूरे जनपद में धारा 163 BNSS लागू थी, जिसमें बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भीड़ जुटाना और जुलूस निकालना सीधा कानून उल्लंघन माना गया। हमने अनुमति ली थी — सपा का पलटवार वहीं सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति ले ली थी। उनका दावा है कि यह लोकतांत्रिक विरोध था, जिसे दबाने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी का सख्त रुख पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध अनुमति के लंबा जुलूस निकालना और धारा 163 का उल्लंघन करना गंभीर मामला है, इसलिए कानून के तहत कार्रवाई की गई है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे और लोगों की पहचान की जा रही है। सियासी गर्मी तेज, आगे क्या? अब यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी टकराव में बदल गया है। एक तरफ पुलिस सख्ती दिखा रही है, तो दूसरी ओर सपा इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है। #JalaunNews #Orai #SPProtest #AkhileshYadav #SamajwadiParty #UPPolice #FIR #PoliticalClash #ProtestVsPolice #LawAndOrder #BreakingNews #UPPolitics #PublicProtest #Section163 #BNSS #IndiaNews #GroundReport #जनआक्रोश #सपा #जालौन #उरई #राजनीति #धरना_प्रदर्शन #पुलिस_कार्रवाई

Jalaun, Jalaun | Jun 9, 2026