प्रयागराज में इसका विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय परशुराम सेना द्वारा किया गया, जिसने फिल्म के खिलाफ अपने गुस्से को खुले तौर पर प्रदर्शित किया। ब्राह्मण समाज के सम्मान को चोट पहुँचाने का आरोप लगाते हुए, सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म के निर्माता का विरोध किया है।