तीन दिनों तक दर्द से तड़पती रही गौमाता, आखिर कब जागेगा प्रशासन? कहलगांव की घटना ने झकझोरा
कहलगांव में घायल गौमाता की पीड़ा ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक नंदी के हमले में गाय गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी कमर टूट गई। इसके बाद वह तीन दिनों तक सड़क किनारे दर्द से तड़पती रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित लोगों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समय पर उपचार और उचित व्यवस्था नहीं हो सकी। इस घटना से लोगों में नाराज़गी है और वे घायल एवं बेसहारा पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
यह घटना केवल एक गौमाता की पीड़ा नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है। समय पर इलाज और संरक्षण मिलता, तो शायद इस दर्द को कम किया जा सकता था।
अब लोगों की मांग है कि घायल पशुओं के इलाज के लिए त्वरित व्यवस्था हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं