चाईबासा का मंगला बाजार में रोजाना सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण किसान अपने रोजाना का उपज बिक्री करने आते हैं। नगरपरिषद से नियुक्त ठेकेदार उन किसानों से मासुल लेते है पर ग्रामीण कृषकों को गंदगी के ढेर में अपना उपज बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंगला बाजार से हर वर्ष तकरीबन 40 लाख रुपये नगरपरिषद को राजस्व मिलता है,फिर यह आलम जनता के लिए पहेली बन गई है।