शिक्षा में एआई का प्रयोग लाभकारी भी, चुनौतीपूर्ण भी
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विकसित भारत @2047 की थीम पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
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विद्यार्थियों ने एआई के उपयोग, लाभ और चुनौतियों पर रखे तर्कपूर्ण विचार
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खरगोन 08 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरगोन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विकसित भारत @2047 की थीम के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का प्रयोग” रखा गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ए.आई. के शैक्षणिक उपयोग, इसके लाभ एवं संभावित चुनौतियों पर अपने विचार तर्कपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में पक्ष में अपने विचार रखते हुए शशांक कोगे ने कहा कि ए.आई. विद्यार्थियों के लिए ज्ञान प्राप्त करने का उपयोगी माध्यम बन सकता है। इसके माध्यम से विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त करने के साथ दैनिक दिनचर्या को बेहतर बनाया जा सकता है तथा घर बैठे विभिन्न कक्षाओं और शिक्षण सामग्री का लाभ लिया जा सकता है। समस्याओं के समाधान में भी ए.आई. उपयोगी सहायता प्रदान कर सकता है।
वहीं विपक्ष में वंशिका वोरे एवं भूमिका चावड़ा ने कहा कि ए.आई. के अत्यधिक उपयोग से विद्यार्थियों की स्वयं सोचने एवं निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। प्रत्येक जानकारी के लिए ए.आई. पर निर्भर रहने के बजाय विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, विवेक एवं तार्किक क्षमता का भी उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ए.आई. एक मशीन है, इसलिए उसके द्वारा दी गई प्रत्येक जानकारी को बिना जांचे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. तुषार जाधव ने कहा कि ए.आई. का सही दिशा में उपयोग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। विद्यार्थी ए.आई. की सहायता से प्रोजेक्ट एवं फाइल तैयार करने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही खरगोन शहर में उपलब्ध कंपनियों एवं संस्थाओं तथा प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। ए.आई. के माध्यम से कम समय में महत्वपूर्ण कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकता है, लेकिन इसका उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना आवश्यक है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी.एस. चौहान ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी एवं डिजिटल परिवर्तन का समय है। शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए, न कि उनकी स्वतंत्र सोच एवं रचनात्मकता को समाप्त करना। विद्यार्थियों को ए.आई. का उपयोग सहायक साधन के रूप में करते हुए अपने ज्ञान, विवेक एवं मानवीय क्षमताओं को भी विकसित करना चाहिए। तकनीक का संतुलित एवं सकारात्मक उपयोग ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. गायत्री चौहान, डॉ. राजू देसाई, डॉ. रंजीता पाटीदार, डॉ. तुषार जाधव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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Khargone (West Nimar), Madhya Pradesh | Oct 8, 2026