प्रखंड क्षेत्र में यूरिया इन दिनों यूरिया खाद की कालाबजारी परवान पर है।बुधवार को तीन बजे मामला सामने आया।बताते चलें कि एक तरफ क्षेत्र के किसान जहां अपने रवि फसल को बचाने के लिए जिहतोड़ मेहनत कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी और सरकार किसान हित में निर्धारित यूरिया उर्वरक की कलाबाजारी से उन्हें जेब पर अत्यधिक भार पड़ रहा है, 267 रुपये प्रति बोरी बिकने वाले यूरिया खाद