19 दिन भूखे रहकर मुस्कुराना बहुत मुश्किल है।लेकिन जिस तरह से सोनम वांगचुक मुस्कुरा रहे हैं मानो कह रहे कि अभी हिम्मत बहुत बाक़ी है।9 किलो से ज़्यादा वज़न घट गया, लेकिन हिम्मत अभी बाक़ी है।बाक़ी है हिम्मत लड़ने की. आवाज़ सत्ताधीशों तक पहुंचाने की।
सोनम ने 20 जुलाई को संसद मार्च का कॉल दिया है।विपक्ष अब सोनम से मिलने पहुंचने लगा है. लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा सुध लेने अभी तक नहीं आया. सरकार निगरानी पूरी रख रही. लेकिन इनकी सुनने को तैयार नहीं. लोकतंत्र की ये तस्वीर डराने वाली है।
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