20 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल और प्राइवेट मुंशी गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
चित्रकूट जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल और उसके प्राइवेट मुंशी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक किसान की जमीन से संबंधित प्रकरण चल रहा था। किसान की कृषि भूमि से जुड़े मामले में धारा 80 को निरस्त कर भूमि को कृषि श्रेणी में परिवर्तित कराने के नाम पर ₹20 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि संबंधित लेखपाल और उसका प्राइवेट मुंशी लगातार किसान पर रुपये देने का दबाव बना रहे थे।
रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम की बांदा इकाई से की। शिकायत की जांच के बाद टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत किसान को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही आरोपियों ने रुपये लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लेखपाल रविशंकर द्विवेदी और उसका प्राइवेट मुंशी लवलेश पांडे शामिल हैं। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई की चर्चा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और भ्रष्टाचार के मामलों में इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।