गुरुर। छोटे बच्चों की पहुंच में बैटरी और छोटी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं छोड़ना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका मामला सामने आया है। गुरुर निवासी 5 वर्षीय गर्वित साहू ने खेलते समय बैटरी वाली छोटी LED लाइट निगल ली। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बालोद के निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए धमतरी रेफर किया गया।
धमतरी में जांच के दौरान लाइट बच्चे के पेट में फंसी मिली। डॉक्टरों की टीम ने बिना बड़ा चीरा लगाए एंडोस्कोपी के जरिए लाइट को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। समय पर उपचार मिलने से बच्चे की जान बच गई। डॉक्टरों ने पालकों से बच्चों की पहुंच से बैटरी, सिक्के, चुंबक, बटन और छोटी वस्तुएं दूर रखने की अपील की है।
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