चम्पावत : मुख्यमंत्री के धार्मिक पर्यटन विकास के संकल्प को मिल रही मजबूती,1.66 करोड़ रूपये की लागत से भोलेश्वर मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण
भगानीखोत का भोलेश्वर मंदिर बनेगा और आकर्षक, श्रद्धालुओं के लिए विकसित होंगी बेहतर सुविधाएं
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को विकसित कर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के संकल्प के अनुरूप जनपद चम्पावत में धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में विकास खण्ड चम्पावत की ग्राम पंचायत मटेला के राजस्व ग्राम भगानीखोत स्थित भोलेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए 166.47 लाख रूपये (लगभग 1.66 करोड़ रूपये) की लागत से विभिन्न कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग सुनील दत्ताल ने जानकारी देते हुये बताया प्रस्तावित योजना के अंतर्गत भोलेश्वर मंदिर परिसर को धार्मिक स्वरूप के अनुरूप आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। यहां त्रिशूल, ध्वज स्तम्भ, दीप स्तम्भ एवं बड़ी घंटी की स्थापना के साथ ही धूनी शेड का निर्माण प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए शौचालय, पेयजल टैंक, ड्रेनेज व्यवस्था, सार्वजनिक बेंच एवं विश्राम स्थल भी विकसित किए जाएंगे।
मंदिर एवं आसपास के परिसर को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सोलर/हाई लाइट तथा फैसाड लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही स्वागत द्वार, पाथवे सुधार एवं समतलीकरण, डस्टबिन तथा उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के साइनेज लगाए जाने का भी प्रस्ताव है। योजना में धार्मिक संरचनाओं एवं सौंदर्यीकरण के साथ प्रकाश व्यवस्था, आगंतुक सुविधाओं और सार्वजनिक संरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई है।
भोलेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ क्षेत्र की धार्मिक एवं पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी। इससे भगानीखोत एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ने की भी संभावना है।