गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, 27 जुलाई को देशभर में सौंपेंगे ज्ञापन
चूरू गौवंश संरक्षण, गौ-हत्या पर कठोर कानून और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चूरू के दादू भवन में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान (द्वितीय चरण)' के तहत संतों, महात्माओं एवं गौभक्तों की कार्यशाला आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रव्यापी जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। कार्यशाला में हनुमानगढ़िया अयोध्या धाम के पुजारी, अभियान के गुजरात, तमिलनाडु एवं राजस्थान प्रभारी चन्द्रमादास महाराज, ध्याननाथ महाराज, नवरतन गिरी महाराज, परमेश्वर गिरी महाराज एवं पूज्य सूर्यनाथ महाराज मौजूद रहे। संतों ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने गौ-हत्या पर प्रभावी कानून बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग से अभियान में जुड़ने का आह्वान किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे चूरू सहित देशभर के जिला मुख्यालयों पर गौभक्त एकत्रित होकर जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री एवं संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना, गौचर भूमि संरक्षण तथा गोबर-गोमूत्र आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने सहित 40 प्रमुख मांगें शामिल की गई हैं। साथ ही 27 जुलाई और 27 अक्टूबर को 'गौ सम्मान दिवस' के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में गोपी शर्मा, बी.एन. राजोतिया, हरीश बजाज, आशीष चोटिया सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे। अंत में अभियान के प्रभावी संचालन के लिए समिति का गठन किया गया तथा युवाओं, मातृशक्ति और सामाजिक संगठनों से अधिकाधिक संख्या में जुड़कर जनजागरण अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया
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Churu, Churu | Jul 18, 2026