समाधान दिवस में फरियादियों की सुनवाई या मोबाइल पर फिल्म?"
उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ सदर तहसील से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सरकारी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि समाधान दिवस के दौरान एक दारोगा अपनी टोपी के अंदर मोबाइल छिपाकर फिल्म देखते दिखाई दे रहे हैं, जबकि सामने फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अधिकारी और पुलिसकर्मी जनता की शिकायतें सुनने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहेंगे, तो फरियादियों को न्याय कैसे मिलेगा? यह तब है जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कई बार स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान अनावश्यक मोबाइल का प्रयोग न किया जाए और पूरी ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा की जाए।
यदि यह वीडियो सही है और इसकी पुष्टि होती है, तो यह केवल अनुशासनहीनता का मामला नहीं बल्कि जनता के विश्वास से भी जुड़ा विषय है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई की जाती है।