करणी सेना मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों का कहना है कि शिकायत निवारण व्यवस्था और इक्विटी कमेटियों में सामान्य वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है, जिससे नियमों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। इसी को लेकर करणी सेना द्वारा 4 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें नियमों को वापस लेने या आवश्यक संशोधन की मांग की जाएगी।