मूसलाधार बारिश ने उद्योग पर बरपाया कहर, UPSIDC की कथित लापरवाही से फैक्ट्री में घुसा पानी; 50 हजार लीटर का भूमिगत टैंक उखड़ा, लाखों का नुकसान
जलनिकासी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, उत्पादन ठप होने से उद्योगपति को दोहरी मार
'अगर समय पर नालियां साफ होतीं तो नहीं होता इतना बड़ा नुकसान'— फैक्ट्री प्रबंधन
✒️रिपोर्ट यूपी हेड नागेंद्र पांडये
फतेहपुर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित उद्योगों के लिए भी भारी संकट बनती जा रही है। मलवां औद्योगिक क्षेत्र स्थित F.S. Chemicals Pvt. Ltd. में जलभराव के कारण लाखों रुपये के नुकसान का मामला सामने आया है।फैक्ट्री प्रबंधन का आरोप है कि UPSIDC की कथित लापरवाही और जलनिकासी व्यवस्था के अभाव के चलते बारिश का पानी फैक्ट्री परिसर में भर गया,जिससे उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया और भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
फैक्ट्री संचालक दवेश सिंह (गुड्डू) के अनुसार,28 अगस्त 2026 की सुबह लगातार बारिश के कारण औद्योगिक क्षेत्र में जलस्तर तेजी से बढ़ गया।बाहर निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से पानी सीधे फैक्ट्री परिसर में घुस गया।देखते ही देखते मशीनें पानी में डूब गईं और उत्पादन कार्य पूरी तरह बंद करना पड़ा।
सबसे गंभीर नुकसान तब हुआ जब पानी के अत्यधिक दबाव के कारण 50 हजार लीटर क्षमता का भूमिगत टैंक अपनी जगह से उखड़कर ऊपर आ गया।इस घटना से फैक्ट्री की संरचना और मशीनरी को गंभीर क्षति पहुंची।प्रारंभिक आकलन के अनुसार उद्योगपति को करीब छह लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्र की नालियों और जलनिकासी व्यवस्था का समय-समय पर रखरखाव किया जाता,तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।उनका आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा जलनिकासी तंत्र की नियमित सफाई और निगरानी नहीं किए जाने के कारण बारिश का पानी बाहर निकलने के बजाय फैक्ट्री के भीतर भर गया।
इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।उद्योगपतियों का कहना है कि वे सरकार को कर देकर रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं,लेकिन यदि औद्योगिक क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो निवेश और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा? क्या जलनिकासी व्यवस्था की खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? और क्या प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही से हुए इस आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित उद्योगपति को किसी प्रकार की राहत या मुआवजा मिलेगा?
बारिश का पानी उतर जाने के बाद भी फैक्ट्री के भीतर नुकसान के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। मशीनों की मरम्मत, उत्पादन दोबारा शुरू करने और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने में अभी लंबा समय लग सकता है।
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील
औद्योगिक क्षेत्र केवल उद्योगपतियों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार होता है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों से अनुरोध है कि मलवां औद्योगिक क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए, जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा प्रभावित उद्योगों के नुकसान का आकलन कर राहत प्रदान की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नालों की नियमित सफाई, ड्रेनेज सिस्टम का आधुनिकीकरण और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
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