बांधवगढ़: उमरिया दम तोड़ती सहकारिता व्यवस्था से किसान त्रस्त
23 जून मंगलवार समय सुबह 10 बजे जिले के धान उत्पादक किसानों के लिए खेती अब लाभ का सौदा नहीं बल्कि महंगे कर्ज और बढ़ती लागत का बोझ बन गई है जैसे-जैसे धान के सीजन की तैयारी शुरू होती है किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो जाती है धान की बुआई के लिए खाद और बीच की जरूरत होती है जिसके लिए किसान सहकारी समितियां की ओर देखते हैं लेकिन जिले ,