पंजाब हरियाणा उत्तराखंड के विवाद पर बोले भारती किसान यूनियन प्रधान के प्रदेश अध्यक्ष रवि पंवार जी
आपको बता दें कि
25 जून 2026 की रात को करीब 300 निहंग श्रद्धालुओं का जत्था पंजाब की तरफ से उत्तराखंड में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। ये सभी श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे थे। कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद चार निहंगों की गिरफ्तारी के विरोध में इनका 'कूच' था।
पुलिस ने हिमाचल-उत्तराखंड की कुल्हान बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया था। लेकिन कुछ निहंगों ने बैरिकेड तोड़कर कृपाण दिखाते हुए देहरादून की सीमा में प्रवेश कर लिया। इसके बाद देहरादून में अलर्ट जारी हुआ और प्रेमानगर समेत कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
रात में जत्था रेसकोर्स स्थित एक गुरुद्वारे में पहुंच गया। वहां जिलाधिकारी आशीष चौहान और एसएसपी परमेंद्र डोभाल समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने निहंग प्रतिनिधियों से कई दौर की बातचीत की। लंबी वार्ता के बाद सभी निहंग श्रद्धालुओं को वापस हिमाचल के पोंटा साहिब की तरफ भेज दिया गया।
अब बात उत्तराखंड-पंजाब-हरियाणा विवाद की। इस पूरे मामले पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रवि पवार जी का बयान सामने आया है।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखना प्राथमिकता है,
Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026