बांसवाड़ा: एमजी अस्पताल में ऐतिहासिक चिकित्सा उपलब्धि: पहली बार हुए दो जटिल ऑपरेशन, मरीजों को मिली तकलीफ से निजात
ऑपरेशन बांसवाड़ा अस्पताल क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुए हैं।पहला मामला परतापुर निवासी ढाई वर्षीय मासूम नूरेन फातिमा का है। वह लंबे समय से बढ़े हुए टॉन्सिल की समस्या से जूझ रही थी। ऑपरेशन दूसरा मामला बांसवाड़ा की 30 वर्षीय मरीज शीला का है। शीला पिछले कई सालों से आंख से लगातार पानी और पस आने की गंभीर समस्या से पीड़ित थीं।