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पूर्णिया पूर्व: जिलाधिकारी के आदेश पर सदर अस्पताल में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मेडिकल टीम को ऑनसाइट रिफ्रेशर प्रशिक्षण दी गई

Purnia East, Purnia | May 1, 2021

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समाहरणालय पूर्णिया,
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति :-822,
दिनांक – 24.06.2026, 
===================

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित “नशा मुक्त भारत सप्ताह” के अवसर पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, मो. बहाउद्दीन के दिशा - निर्देशन में बुधवार को जीविका के जिला इकाई में कार्यरत सभी कर्मियों ने शपथ पूर्वक नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

नशामुक्त भारत सप्ताह के अवसर पर जिले के सभी 14 प्रखंडों में गठित जीविका के 46 संकुल स्तरीय संघों (सीएलएफ), 2500 से अधिक ग्राम संगठनों (वीओ) तथा 36 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में नशामुक्ति से सम्बंधित शपथ ग्रहण समारोह, जन -जागरूकता रैली, जनसंवाद, हस्ताक्षर अभियान तथा सामुदायिक बैठकों का आयोजन करने का निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने शपथ पूर्वक यह संकल्प लिया कि मादक पदार्थों के सेवन एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध एकजुट होकर समाज को नशामुक्त बनाना है। 

उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुए डी पी एम जीविका ने कहा कि नशे का पारिवारिक तथा सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए समुदाय के स्तर पर व्यापक जन -जागरूकता लाना अनिवार्य है।
एक स्वस्थ तथा समृद्ध समाज की कल्पना का आधार ही नशामुक्त समाज है।
 
उन्होनें कहा कि समुदाय के स्तर पर व्यापक जन - जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि नशामुक्त समाज का निर्माण सामूहिक सहभागिता एवं जनजागरूकता के बिना संभव नहीं है ।

ज्ञातव्य हो कि 17 जून से आरम्भ होकर 26 जून को समाप्त होने वाले नशामुक्त भारत सप्ताह अभियान के तहत जिले के कुल 36 हजार से अधिक समूहों से जुडी हुयी 4 लाख 50 हजार से अधिक महिलाओं के द्वारा प्रभावशाली रूप से नशा के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है.श।
स्वयं के साथ साथ अपने आस पड़ोस के लोगों से भी जीविका दीदियाँ नशापान के विरुद्ध एकजुट होने की अपील कर रही हैं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, जिला जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति :-822, दिनांक – 24.06.2026, =================== भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित “नशा मुक्त भारत सप्ताह” के अवसर पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, मो. बहाउद्दीन के दिशा - निर्देशन में बुधवार को जीविका के जिला इकाई में कार्यरत सभी कर्मियों ने शपथ पूर्वक नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। नशामुक्त भारत सप्ताह के अवसर पर जिले के सभी 14 प्रखंडों में गठित जीविका के 46 संकुल स्तरीय संघों (सीएलएफ), 2500 से अधिक ग्राम संगठनों (वीओ) तथा 36 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में नशामुक्ति से सम्बंधित शपथ ग्रहण समारोह, जन -जागरूकता रैली, जनसंवाद, हस्ताक्षर अभियान तथा सामुदायिक बैठकों का आयोजन करने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने शपथ पूर्वक यह संकल्प लिया कि मादक पदार्थों के सेवन एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध एकजुट होकर समाज को नशामुक्त बनाना है। उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुए डी पी एम जीविका ने कहा कि नशे का पारिवारिक तथा सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए समुदाय के स्तर पर व्यापक जन -जागरूकता लाना अनिवार्य है। एक स्वस्थ तथा समृद्ध समाज की कल्पना का आधार ही नशामुक्त समाज है। उन्होनें कहा कि समुदाय के स्तर पर व्यापक जन - जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि नशामुक्त समाज का निर्माण सामूहिक सहभागिता एवं जनजागरूकता के बिना संभव नहीं है । ज्ञातव्य हो कि 17 जून से आरम्भ होकर 26 जून को समाप्त होने वाले नशामुक्त भारत सप्ताह अभियान के तहत जिले के कुल 36 हजार से अधिक समूहों से जुडी हुयी 4 लाख 50 हजार से अधिक महिलाओं के द्वारा प्रभावशाली रूप से नशा के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है.श। स्वयं के साथ साथ अपने आस पड़ोस के लोगों से भी जीविका दीदियाँ नशापान के विरुद्ध एकजुट होने की अपील कर रही हैं। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 24, 2026

त्रिलोक नाथ झा, वरीय जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा जिला प्रशासन, पूर्णिया के फेसबुक लाइव के माध्यम से अग्निशमन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

त्रिलोक नाथ झा, वरीय जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा जिला प्रशासन, पूर्णिया के फेसबुक लाइव के माध्यम से अग्निशमन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

Purnia, Bihar | Jun 24, 2026

समाहरणालय पूर्णिया,
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:-820,
दिनांक:-24/06/2026,
===================

*संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ( भा०प्र०से) द्वारा बुधवार को किया गया बेलगच्छी झौआ तटबंध एवं जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण दिए गए कई आवश्यक दिशा निर्देश:-
​
​आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए पूर्णिया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। 

आमजन की सुरक्षा और बाढ़ पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा बुधवार को क्षेत्र भ्रमण का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बेलगच्छी झौआ तटबंध के 08 किलोमीटर का बारिकी से निरीक्षण किया गया।

 उन्होंने फ्लड कंट्रोल डिविजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि कटाव और जलस्तर में वृद्धि की स्थिति से निपटने में कोई कोताही न बरती जाए।आपात स्थिति में तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सैंड बैग (बालू की बोरियों) के भंडारण (स्टॉकिंग) की स्थिति जांची गई। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि संवेदनशील पॉइंट पर सैंड बैग की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित करें।

आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा और SDRF की समीक्षा
​तटबंध के निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र (District Emergency Response Facility-cum-Training Centre) का भी निरीक्षण किया गया।
​
जिला पदाधिकारी महोदय ने वहाँ तैनात SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम से मुलाकात की और आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध मोटर बोट, लाइफ जैकेट तथा अन्य अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों की वर्तमान स्थिति एवं कार्यशीलता की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी उपकरण हर समय 'रेडी-टू-मूव' मोड में होने चाहिए।
​आपातकालीन केंद्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला पदाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण  निर्देश जारी किया। उन्होंने बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) को निर्देशित किया कि:
​केंद्र के भवन में लगे सभी सोलर उपकरणों को अविलंब 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) से जोड़ा जाए।
​इससे न केवल सौर ऊर्जा का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि बिजली ग्रिड के साथ ऊर्जा का संतुलन भी बना रहेगा।

इस निरीक्षण के क्रम में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा (भा०प्र०से), अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, फ्लड कंट्रोल के कार्यपालक अभियंता,RWD के अभियंता मौजूद थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

समाहरणालय पूर्णिया, जिला जनसंपर्क कार्यालय, प्रेस विज्ञप्ति:-820, दिनांक:-24/06/2026, =================== *संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ( भा०प्र०से) द्वारा बुधवार को किया गया बेलगच्छी झौआ तटबंध एवं जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण दिए गए कई आवश्यक दिशा निर्देश:- ​ ​आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए पूर्णिया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आमजन की सुरक्षा और बाढ़ पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा बुधवार को क्षेत्र भ्रमण का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बेलगच्छी झौआ तटबंध के 08 किलोमीटर का बारिकी से निरीक्षण किया गया। उन्होंने फ्लड कंट्रोल डिविजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि कटाव और जलस्तर में वृद्धि की स्थिति से निपटने में कोई कोताही न बरती जाए।आपात स्थिति में तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सैंड बैग (बालू की बोरियों) के भंडारण (स्टॉकिंग) की स्थिति जांची गई। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि संवेदनशील पॉइंट पर सैंड बैग की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित करें। आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा और SDRF की समीक्षा ​तटबंध के निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र (District Emergency Response Facility-cum-Training Centre) का भी निरीक्षण किया गया। ​ जिला पदाधिकारी महोदय ने वहाँ तैनात SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम से मुलाकात की और आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध मोटर बोट, लाइफ जैकेट तथा अन्य अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों की वर्तमान स्थिति एवं कार्यशीलता की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी उपकरण हर समय 'रेडी-टू-मूव' मोड में होने चाहिए। ​आपातकालीन केंद्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला पदाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) को निर्देशित किया कि: ​केंद्र के भवन में लगे सभी सोलर उपकरणों को अविलंब 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) से जोड़ा जाए। ​इससे न केवल सौर ऊर्जा का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि बिजली ग्रिड के साथ ऊर्जा का संतुलन भी बना रहेगा। इस निरीक्षण के क्रम में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा (भा०प्र०से), अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, फ्लड कंट्रोल के कार्यपालक अभियंता,RWD के अभियंता मौजूद थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 24, 2026

।समाहरणालय पूर्णिया।
(जिला जनसंपर्क कार्यालय)
प्रेस विज्ञप्ति:-821
दिनांक 24/06/2026,
===================

​
जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा जिले के अत्यंत संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों—बायसी,अमौर एवं बैसा प्रखंडों का विस्तृत दौरा किया गया। 

इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून अवधि के दौरान संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता की बुनियादी समस्याओं बिजली, सड़क, स्वास्थ्य समस्या से अवगत होना था। 

आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय सभी महत्वपूर्ण विभागों के पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
​बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान पूर्णिया जिला अंतर्गत बैसा, अमौर, बायसी, डगरुआ एवं रुपौली प्रखंडों को बाढ़ की  त्रासदी का सामना करना पड़ता है। 

जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों ​महानंदा, परमान, कनकई, दास, कोशी, कुसहा, कारी कोशी एवं सौरा नदी के जलस्तर में अचानक होने वाली वृद्धि से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
​इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए 'संभावित बाढ़-2026' की पूर्व तैयारियों की अंचलवार समीक्षा की गई ।ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

​जन प्रतिनिधियों की समस्याओं से अवगत होने एवं प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। 

​बायसी अंचल अंतर्गत श्री सुजय कुमार सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), ​अमौर अंचल अंतर्गत श्री राजकुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) एवं ​बैसा अंचल अंतर्गत श्री विनय कुमार अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) बैठक में उपस्थित थे। 

​बैठक में संबंधित प्रखंडों के अंचल अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, कृषि, पशुपालन, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग (PHC प्रभारी) के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया।

​बाढ़ पूर्व सुरक्षा एवं आश्रय स्थल: बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत ससमय पूर्ण करने तथा अंचल अधिकारियों को ऊंचे शरण स्थलों की मैपिंग, पर्याप्त नावों के पंजीकरण और सूखा राशन-दवाइयों का बफर स्टॉक तैयार रखने का निर्देश दिया गया।

ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक एवं कनीय अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों और पुल-पुलियों की तत्काल बहाली के लिए आपातकालीन योजना तैयार रखें ताकि आवागमन बाधित न हो। 

अनुमंडल पदाधिकारी बायसी को प्राथमिकता सूची बनाकर ग्रामीण सड़को को सुदृढ़ करवाने का निदेश दिया गया। 

मानसून के दौरान ढीले तारों को कसने, जर्जर पोलों को बदलने और बाढ़ की स्थिति में करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग के अभियंताओं को कड़े सुरक्षा मानक अपनाने का निर्देश दिया गया।

जर्जर तारों एवं जन प्रतिनिधि के शिकायतों को प्राथमिकता में लेते हुए जल्द से जल्द कारवाई करने का निदेश दिया गया। 

​जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए राशन कार्ड से संबंधित मुद्दों (नए नाम जोड़ने, त्रुटियों में सुधार और सुचारू खाद्यान्न वितरण) पर संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने अनुमंडल पदाधिकारी को शिविर लगाकर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा ( भा०प्र०से) अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, कार्य पालक अभियंता फ्लड कंट्रोल, विद्युत, RWD एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
 Information & Public Relations Department, Government of Bihar

।समाहरणालय पूर्णिया। (जिला जनसंपर्क कार्यालय) प्रेस विज्ञप्ति:-821 दिनांक 24/06/2026, =================== ​ जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा जिले के अत्यंत संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों—बायसी,अमौर एवं बैसा प्रखंडों का विस्तृत दौरा किया गया। इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून अवधि के दौरान संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता की बुनियादी समस्याओं बिजली, सड़क, स्वास्थ्य समस्या से अवगत होना था। आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय सभी महत्वपूर्ण विभागों के पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे। ​बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान पूर्णिया जिला अंतर्गत बैसा, अमौर, बायसी, डगरुआ एवं रुपौली प्रखंडों को बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ता है। जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों ​महानंदा, परमान, कनकई, दास, कोशी, कुसहा, कारी कोशी एवं सौरा नदी के जलस्तर में अचानक होने वाली वृद्धि से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ​इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए 'संभावित बाढ़-2026' की पूर्व तैयारियों की अंचलवार समीक्षा की गई ।ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ​जन प्रतिनिधियों की समस्याओं से अवगत होने एवं प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। ​बायसी अंचल अंतर्गत श्री सुजय कुमार सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), ​अमौर अंचल अंतर्गत श्री राजकुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) एवं ​बैसा अंचल अंतर्गत श्री विनय कुमार अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) बैठक में उपस्थित थे। ​बैठक में संबंधित प्रखंडों के अंचल अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, कृषि, पशुपालन, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग (PHC प्रभारी) के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया। ​बाढ़ पूर्व सुरक्षा एवं आश्रय स्थल: बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत ससमय पूर्ण करने तथा अंचल अधिकारियों को ऊंचे शरण स्थलों की मैपिंग, पर्याप्त नावों के पंजीकरण और सूखा राशन-दवाइयों का बफर स्टॉक तैयार रखने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक एवं कनीय अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों और पुल-पुलियों की तत्काल बहाली के लिए आपातकालीन योजना तैयार रखें ताकि आवागमन बाधित न हो। अनुमंडल पदाधिकारी बायसी को प्राथमिकता सूची बनाकर ग्रामीण सड़को को सुदृढ़ करवाने का निदेश दिया गया। मानसून के दौरान ढीले तारों को कसने, जर्जर पोलों को बदलने और बाढ़ की स्थिति में करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग के अभियंताओं को कड़े सुरक्षा मानक अपनाने का निर्देश दिया गया। जर्जर तारों एवं जन प्रतिनिधि के शिकायतों को प्राथमिकता में लेते हुए जल्द से जल्द कारवाई करने का निदेश दिया गया। ​जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए राशन कार्ड से संबंधित मुद्दों (नए नाम जोड़ने, त्रुटियों में सुधार और सुचारू खाद्यान्न वितरण) पर संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने अनुमंडल पदाधिकारी को शिविर लगाकर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा ( भा०प्र०से) अनुमंडल पदाधिकारी बायसी, एडीएमओ प्रणव कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, कार्य पालक अभियंता फ्लड कंट्रोल, विद्युत, RWD एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Purnia, Bihar | Jun 24, 2026

भोजपुर में उमड़ा जनसमर्थन, भरत भूषण तिवारी के लिए इंसाफ की मांग

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भोजपुर में उमड़ा जनसमर्थन, भरत भूषण तिवारी के लिए इंसाफ की मांग #JusticeForBharatBhushan #BharatBhushanTiwari #JusticeForBharat #Bhojpur #BiharNews #Bilauti #PurneaCentralNews

Purnia East, Purnia | Jun 24, 2026