My Name is Khan और मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं, इस बात के पीछे की कहानी जबरदस्त है.
पहली तस्वीर में लैरी सिल्वरस्टीन है, अमेरिका का बिजनेसमैन, जिसने जुलाई 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को 99 साल के लिए लीज पर लिया.
लैरी 32 हज़ार करोड़ का बीमा करवाता है बिल्डिंग का और उसके 3 महीने बाद आंतकी अटैक में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर राख का ढेर बन जाता है.
सभी को लगेगा कि अटैक दूसरी तस्वीर में दिख रहें ओसामा बिन लादेन ने करवाया था. तो आप गलत हो, हमले से दो दिन पहले USA के VICE प्रेसिडेंट ये बयान देते हैँ कि उनको 56 करोड़ डॉलर का हिसाब नहीं मिल रहा है ऑडिट रिपोर्ट में.
और अगले ही दिन दो मशहूर एयरलाइन्स के प्लेन चोरी होते हैँ. उसको उडाने वाले oman के दो मुस्लिम होते हैँ, जिनके पासपोर्ट मिलते हैँ वहां.
लेकिन हैरानी की बात देखिये, लैरी उसी दिन अपने ऑफिस में नहीं गया सेंटर में और 56 करोड़ डॉलर के ऑडिट रिपोर्ट वाली फ़ाइल्स और डेटा वाले केबिन में ही हमले वाला प्लेन घुसता है.
और अगले दिन इसका सारा अमेरिकन मीडिया और दुनिया इस्लामिक आंतकवाद के गीत गाकर अफगानिस्तान पर हमले में लग जाती है.
और शाहरुख़ khan को बोलना पड़ता है मुसलमान आंतकी नहीं होते.सबूत देना पड़ता है.
लादेन आंतकी था, पर यहाँ ट्विस्ट है पूरा
सबूत से याद आया, 4000 ईवीएम जल गयीं थी.