गोड्डा: चंद घंटों की हवस की वजह से या बेटी पैदा हुई इसलिए झाड़ियों में फेंक दिया? आखिर कब जागेगा समाज?
Godda, Godda | Sep 29, 2026 "बेटी पैदा हो गई... तो चलो, इसे किसी कोने में फेंक दो!" या फिर चंद लम्हों की हवस और जिस्मानी भूख मिटाने के बाद जब अनचाहा गर्भ ठहर गया, तो समाज में अपनी झूठी इज़्ज़त और बदनामी के खौफ से उस बेकसूर को जन्म तो दे दिया, पर लोक-लाज बचाने के लिए उसे किसी बेरहम पत्थरदिल की तरह तड़प-तड़पकर मरने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया! क्या यही रह गई है हमारे समाज की सोच और इंस