दनकौर में भारतीय किसान यूनियन की समीक्षा बैठक में किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में हरिद्वार शिविर की तैयारियों, गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित महापंचायत और किसानों की लंबित मांगों को लेकर रणनीति बनाई गई। संगठन ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
दनकौर में आयोजित भारतीय किसान यूनियन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता राजाराम प्रधान ने की, जबकि संचालन सुनील प्रधान ने किया। बैठक में 15 से 18 जून तक हरिद्वार में होने वाले शिविर की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिविर में टेंट, भोजन, आवास और वॉलंटियर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही संगठन के सभी कार्यकर्ताओं से झंडा-डंडा लेकर पहुंचने की अपील की गई।
बैठक में गौतम बुद्ध नगर के किसानों की समस्याओं को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। संगठन ने तय किया कि हरिद्वार शिविर के बाद 18 जून के बाद जिले में एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस दौरान 10 प्रतिशत किसान कोटा प्लॉट, आबादी निस्तारण और बिजली दरों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, 10 प्रतिशत प्लॉट, आबादी निस्तारण, खाद की कालाबाजारी रोकने और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने जैसी मांगों का जल्द समाधान किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना ने कहा कि यदि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो हरिद्वार शिविर से राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में महापंचायत और बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। बैठक में संगठन विस्तार पर भी जोर दिया गया और सभी गांवों में इकाइयों के गठन का लक्ष्य तय किया गया। साथ ही "किसान युवा संवाद" कार्यक्रम के जरिए युवाओं को संगठन से जोड़ने की रणनीति बनाई गई